हज-ए-मुकद्दस से हाजियों का पहला जत्था मंगलवार दोपहर अमौसी हवाईअड्डे पहुंचा। पहले जत्थे में 347 हाजी वापस लौटे। (सभी फोटो- मनीष वर्मा।)
विज्ञापन
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
2 of 10
वतन लौटे लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। वे परिवारीजनों के गले लग गए।
विज्ञापन
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
3 of 10
उन्हें लेने के लिए उनके परिजन पहले ही हवाई अड्डे पर पहुंच गए थे।
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
4 of 10
हाजी के परिजन उनका इंतजार कर रहे थे। गौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले ही मक्का की पवित्र मस्जिद में मची भगदड़ में 1700 से ज्यादा लोग मारे गए थे, मरने वालों में 50 भारतीय भी थे।
विज्ञापन
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
5 of 10
एयरपोर्ट से बाहर निकलता एक हज यात्री।
विज्ञापन
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
6 of 10
यात्रा से वापस आया बुजुर्ग अपने परिजनों से मिलता हुआ।
विज्ञापन
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
7 of 10
हाजियों के जत्थे में हवाईअड्डे से सबसे पहले बाहर आने वाले हाजी मोहम्मद यूसुफ व उनकी पत्नी आबिदा थीं। यूसुफ ने बताया कि हालात अच्छे नहीं थे, बस अल्लाह का शुक्र है हज पूरा कर वापस आ गए।
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
8 of 10
राज्य हज कमेटी के अफसरों की मानें तो हाजियों की पहली उड़ान में बुलंदशहर के सबसे ज्यादा हाजी वापस आए। इनके साथ कुछ लखनऊ, कानपुर व लखीमपुर के भी लोग थे।
तस्वीरें: अपनों से मिल रो पड़े मौत के मुंह से लौटे हज यात्री
9 of 10
सभी के चेहरे पर हज यात्रा से वापस आने का संतोष साफ दिखाई दे रहा था।