पुलिस की पिटाई से आहत युवक हनुमान सेतु पहुंचा
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लेकिन सिपाही का पसीजा दिल, खिलाया खाना
दीपक के मुताबिक, उसके पिता मोहनलाल एलडीए में नौकरी करते थे। 15 साल पहले वह लापता हो गए। इसके बाद मां भी घर छोड़कर चली गई। वह अकेला रहता है। उसके पास इतने रुपये नहीं थे कि वह खाना खा सके। पुलिस की पिटाई और भूख से वह तड़प रहा था। हवालात में उसे दयनीय हालत में देख लालबाग में तैनात सिपाही वसीम ने उसको खाना खिलाया। प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक, दीपक वालिया लॉन विकासनगर में इलेक्ट्रिशियन कर काम करता है। वहां के कर्मचारी नासिर को बुलाकर उसे सुपुर्द कर दिया गया है।