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पुलिस पीटती रही युवक पूछता रहा...मेरी गलती क्या है, फिर आहत युवक ने की गोमती में कूदने की कोशिश

Wed, 16 Oct 2019 04:07 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पुलिस की पिटाई से आङत युवक हनुमान सेतु पहुंचा, वहीं पीठ पर पड़े चोट के निशान - फोटो : amar ujala
लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर सो रहे विकासनगर के बटाहा सुबौली निवासी दीपक कश्यप को जीआरपी ने पीट दिया। उसे सुबह को हवालात में डालकर धुनाई करते रहे। पुलिस उस पर महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगा रही थी। वहीं युवक हवालात में पुलिस से बार-बार पूछ रहा था, ‘साहब! मुझे क्यों पीटा जा रहा है, मेरा क्या दोष है?’
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पुलिस की पिटाई से आहत युवक हनुमान सेतु पहुंचा - फोटो : amar ujala
सुबह पुलिस ने उसे हवालात से बाहर किया और स्टेशन से भाग जाने को कहा। पिटाई से आहत दीपक हनुमान सेतु के पास गोमती नदी के किनारे पहुंचा। वहां पुल पर लगी जाली को पार किया और बीच पुल पर पहुंचकर नदी में कूदने की कोशिश की। इसकी सूचना मिलने पर हजरतगंज और हसनगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
 
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पुलिस की पिटाई से आहत युवक हनुमान सेतु पहुंचा - फोटो : amar ujala
हजरतगंज प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह ने जीआरपी के पुलिसकर्मियों खिलाफ  कार्रवाई का आश्वासन देकर नीचे उतारा और कोतवाली ले गई। दीपक ने बताया कि कोतवाली में भी पहले उसे एक कमरे में ले जाकर रबर के पट्टे से पीटा गया। इसके बाद हवालात मे डालकर लात घूसों से पिटाई की गई।

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पुलिस की पिटाई से आहत युवक हनुमान सेतु पहुंचा - फोटो : amar ujala
चारबाग गया था दोस्त को लेने
दीपक सोमवार रात दिल्ली से आ रहे दोस्त समीर को लेने स्टेशन गया था। दीपक के मुताबिक, ट्रेन लेट होने से वह प्लेटफार्म नंबर एक पर सो गया। सुबह करीब पांच बजे जीआरपी के तीन पुलिस वाले आए और उसे उठाकर पूछताछ करने लगे। उन्होंने महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर पीटना शुरू कर दिया। प्लेटफार्म से पिटाई करते हुए एक कमरे में ले गए। जहां बूट से सीने पर कई बार मारा और जेब में रखे छह हजार रुपये छीन लिए। उसके सवाल का किसी के पास जवाब नहीं था कि अगर छेड़छाड़ कर रहा था तो पुलिस ने उसके खिलाफ  कार्रवाई क्यों नहीं की।
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पुलिस की पिटाई से आहत युवक हनुमान सेतु पहुंचा - फोटो : amar ujala
लेकिन सिपाही का पसीजा दिल, खिलाया खाना
दीपक के मुताबिक, उसके पिता मोहनलाल एलडीए में नौकरी करते थे। 15 साल पहले वह लापता हो गए। इसके बाद मां भी घर छोड़कर चली गई। वह अकेला रहता है। उसके पास इतने रुपये नहीं थे कि वह खाना खा सके। पुलिस की पिटाई और भूख से वह तड़प रहा था। हवालात में उसे दयनीय हालत में देख लालबाग में तैनात सिपाही वसीम ने उसको खाना खिलाया। प्रभारी निरीक्षक राधारमण सिंह के मुताबिक, दीपक वालिया लॉन विकासनगर में इलेक्ट्रिशियन कर काम करता है। वहां के कर्मचारी नासिर को बुलाकर उसे सुपुर्द कर दिया गया है।
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