ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में ‘सबसे सस्ता’ का झांसा देकर ग्राहकों से ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने लखनऊ भरवारा क्रॉसिंग के पास सरगना समेत पांच बदमाशों को दबोच लिया। गिरोह का सरगना करीब पांच साल से चिनहट में ऑफिस खोलकर देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों से ठगी कर रहा था। शातिर ठग विभिन्न वेबसाइट में सबसे सस्ता मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का फर्जी विज्ञापन देकर ग्राहकों को फंसाते थे।
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एसएसपी दीपक कुमार
- फोटो : amarujala
उनसे अकाउंट में रुपया जमा कराने के बाद उत्पाद नहीं दिया जाता था। गिरोह ने अब तक देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों से पांच करोड़ रुपये से भी अधिक रकम की ठगी की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि ठग ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल पर सबसे सस्ता सामान बेचने के विज्ञापन देते थे।
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एसएसपी दीपक कुमार
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इसके बाद नये-पुराने उत्पाद खरीदने-बेचने वाले पोर्टल ‘ओएलएक्स’ के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ओएलएक्स पर मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान के फोटो व मोबाइल फोन नंबर डाल देते थे। ग्राहक दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करता तो उसे बैंक खाता संख्या देकर ऑनलाइन रकम जमा करा ली जाती थी, पर सामान ग्राहक के बताए पते पर पहुंचता ही नहीं।
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एसएसपी दीपक कुमार
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह का सरगना मऊ के चिरैयाकोट दरियापट्टी निवासी अवनीश कुमार यादव है। वह यहां चिनहट के खरगापुर में समृद्धि भवन के नाम से ऑफिस खोलकर ठगी का धंधा कर रहा था। उसके साथ पकड़े गए लोगों में जौनपुर के गद्दी केराकत में नावपुर असौवा का मनोज यादव, छत्तीसगढ़ के साहूपारा बरदुली पिपरिया कवर्धा निवासी कुमार साहू, चिनहट के कमरा सनातनगर में रहने वाला पुष्पेंद्र और दुर्गापुरी कॉलोनी निवासी आदित्य सिंह हैं।
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पुलिस
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कुमार साहू यहां छोटा भरवारा में किराये के मकान में रहकर ऑफिस का संचालन व देखरेख करता था जबकि अविनाश दिल्ली से ठगी करता था। पकड़े गए ठगों से पूछताछ की जा रही है। ठगों ने बताया कि ओएलएक्स पर सबसे ज्यादा खरीदारी मोबाइल फोन की होती थी। वह एप्पल कंपनी के आईफोन के लेटेस्ट मॉडल के फोटो डालकर आधी कीमत पर खरीदने का ऑफर देते थे।
सस्ता आईफोन लेने के चक्कर में लोग ठगों से संपर्क करते और उनके बताए बैंक खाते में रुपया जमा करा देते। ठग उन्हें तीन से पांच दिन में डिलीवरी का आश्वासन देकर फोन नंबर बंद कर लेते थे।