(बाराबंकी)। सचिवालय के उपसचिव एसके शाही के बेटे सर्वेश (35), बहू रुचिका (30) और तीन साल की पोती श्री व कार चालक नीलमणि (30) की सोमवार दोपहर में बाराबंकी के रामसनेही घाट हाइवे पर दुर्घटना में मौत हो गई।
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पेशे से इंजीनियर सर्वेश पत्नी और बेटी को गोरखपुर स्थित ससुराल से लेकर लौट रहे थे। फैजाबाद की तरफ से आ रही रोडवेज की बस ने कार में टक्कर मार दी। कार उछलकर डिवाइडर से टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि सर्वेश और बेटी श्री की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल रुचिका और ड्राइवर नीलमणि को पुलिस ने ट्रॉमा सेंटर भेजा, जहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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सर्वेश मेरठ में रिलायंस कंपनी में इंजीनियर था। वह मेरठ से ड्राइवर नीलमणि के साथ कार से गोरखपुर स्थित ससुराल गया और वहां से पत्नी व बेटी को लेकर गुडंबा के कल्याणपुर शिवानी विहार कॉलोनी स्थित घर लौट रहा था। रामसनेही घाट कोतवाली के इंस्पेक्टर टीपी सिंह ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे हाइवे पर ताला मोड़ के पास एक कट से कार निकल रही थी, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार उछलकर करीब 20 फीट आगे डिवाइडर से टकराकर पलट गई।
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हादसे से हाइवे पर जाम लग गया। राहगीरों की मदद से सभी लोगों को कार से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक सर्वेश और श्री दम तोड़ चुके थे। इंस्पेक्टर का कहना है कि टक्कर मारकर भागे वाहन की तलाश की जा रही है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने रोडवेज बस के टक्कर मारने की जानकारी दी है। हाईवे के रेस्टोरेंट-ढाबों और टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है।
सर्वेश का परिवार खत्म, जिसने सुना उसकी आंखों से बरसने लगे आंसू
हादसे में पूरे परिवार के खत्म होने की खबर से कॉलोनी में शोक है। दोपहर से ही सचिवालय के उपसचिव के रिश्तेदार व आसपास के लोग घर के बाहर एकत्र हो गए। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि सर्वेश और उसका परिवार अब उनके बीच नहीं रहा। चारों तरफ सन्नाटा छाया था। मां गीता बार-बार बेहोश हो रही थी। पड़ोस की महिलाएं उन्हें संभालने में लगी थीं। देर रात तक सर्वेश के घर पर भीड़ एकत्र थी। देर रात पोस्टमार्टम के बाद सभी का बैकुंठधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया।