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अयोध्या भूमि पूजन: चांदी की इन ईंटों से राम मंदिर की नींव रखेंगे प्रधानमंत्री मोदी, 22.6 किलो है वजन

Tue, 28 Jul 2020 04:00 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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- फोटो : amar ujala
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को भूमि पूजन करेंगे। इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। यह वो लम्हा होगा जो कि इतिहास में दर्ज हो जाएगा इसलिए इसे भव्य व यादगार बनाने की हर कोशिश की जा रही है।

मंदिर निर्माण के लिए देश के अलग-अलग मंदिरों व पवित्र नदियों का जल लाया जा रहा है। भूमि पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी चांदी की ईंट से मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास करेंगे। यह ईंट करीब 22.6 किलोग्राम वजन की है। एक ईंट का बाजार मूल्य करीब 15 लाख 59 हजार रुपये है।
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- फोटो : amar ujala
84 हजार 600 वर्गफुट का विशाल श्रीरामजन्मभूमि मंदिर अब तक बने नागर शैली के मंदिरों में सबसे अलौकिक होगा। एक शिखर और पांच विशाल मंडपों के गुंबद से सुशोभित तीन तल का यह दिव्य मंदिर विश्वभर में अनूठा होगा। शिखर से लेकर अधिष्ठान तक 17 हिस्सों की डिजाइन के साथ हर एक हिस्से के आकार के पिंक स्टोन की माप और लागत तय हो गई है।
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- फोटो : amar ujala
अमर उजाला को यह जानकारी देते हुए मुख्य शिल्पी चंद्रकांत सोमपुरा के बड़े पुत्र इंजीनियर निखिल सोमपुरा ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजाइन समेत डिजिटल प्रस्तुति देखेंगे, इसके बाद ही सारा ब्योरा सार्वजनिक किया जाएगा।

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- फोटो : amar ujala
गुजरात के अहमदाबाद से मुख्य शिल्पी चंद्रकात सोमपुरा समेत उनके दोनों पुत्र निखिल और आशीष ने कड़ी मेहनत से भगवान विष्णु को सर्वाधिक प्रिय नागर शैली में श्रीराजन्मभूमि मंदिर की नई डिजाइन का डायग्राम, हर हिस्से का मैप, 3-डी मॉडल से लेकर लागत तक का ब्योरा तैयार कर लिया है। शिखर या विमान, गर्भगृह, कलश, गोपुरम, रथ, उरूशृंग, मंडप, अर्धमंडप, जगति, स्तंभ, परिक्रमा या प्रदक्षिणा, शुकनात, तोरण, अंतराल, गवाक्ष, अमलक और अधिष्ठान इस मंदिर के 17 हिस्से होंगे।
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- फोटो : amar ujala
नागर शैली के शिल्पशात्र के अनुसार मंदिर के आठ प्रमुख अंग मूल आधार (जिस पर संपूर्ण भवन खड़ा होगा), मसूरक (नींव और दीवारों के बीच का भाग), जंघा (दीवारें, विशेषकर गर्भगृह की दीवारें), कपोत (कार्निस), शिखर (मंदिर का शीर्षभाग या गर्भगृह का ऊपरी भाग), ग्रीवा (शिखर का ऊपरी भाग), वर्तुलाकार आमलक (शिखर के शीर्ष पर कलश के नीचे का भाग) और कलश (शिखर का शीर्ष भाग) होता है।
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नागर शैली का एक नमूना। - फोटो : amar ujala
इंजीनियर निखिल सोमपुरा कहते हैं कि पूरब मुखी मंदिर की लंबाई 268 से 360 फुट और चौड़ाई 140 से बढ़ाकर 235 फुट की गई है, जबकि ऊंचाई 128 से 161 फुट हो गई है। मंदिर में गर्भगृह पर सबसे ऊंचा 161 फुट का शिखर बनेगा, इसके अलावा गूढ़ मंडप, नृत्यमंडप, रंगमंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप पर कुल पांच गुंबद होंगे।

समूचा मंदिर पिंक स्टोन से बनेगा, इसके विभिन्न हिस्सों में लगने वाले तराशे गये पत्थरों की डिजाइन से लेकर माप और लागत आदि का ब्योरा तैयार हो गया है लेकिन इसे सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देखेंगे, इसके बाद ही श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने विवरण और लागत का विवरण सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।
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