चुनाव प्रचार जोरों पर था। भाजपा नेताओं के क्षेत्र बदलने को लेकर अखबारों में काफी आलोचनात्मक खबरें छप रही थीं। अटल विहारी वाजपेयी प्रचार के लिए लखनऊ आए थे। अमूमन जब अटल जी आते थे तो राजधानी के वरिष्ठ पत्रकारों की बैठकी भी होती थी। संयोग से उस दिन पत्रकार वार्ता थी।
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डेमो
- फोटो : डेमो
एक वरिष्ठ पत्रकार वार्ता के समय से काफी पहले ही पहुंच गए। पत्रकार को अटल जी भी व्यक्तिगत रूप से जानते थे। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के साथ यह पत्रकार भी अटल जी से मिलने कमरे में पहुंच गए। राष्ट्रधर्म के प्रबंधक पवन पुत्र बादल बताते हैं, ‘नाश्ते के लिए दही-जलेबी मंगवाई गई थी।
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अटल बिहारी वाजपेयी
- फोटो : SELF
नाश्ते के दौरान ही पत्रकार ने पूछा, ‘अटल जी! आपकी पार्टी बात तो करती है हिंदुत्व और अयोध्या की। फिर क्या कारण रहा कि हिंदुत्व पर आक्रामक बोलने वाले राम मंदिर के योद्धा की छवि बनाने वाले विनय कटियार को अयोध्या सीट छोड़कर दूसरी सीट की राह लेनी पड़ी।’
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बकौल बादल, ‘हमारे साथ बैठे भाजपा के नेता (जिनके साथ पत्रकार आए थे) विचलित। उन्होंने कान में मुझसे कहा, ‘गड़बड़ हो गई।’ पर, यह क्या? अटल जी ने जोरदार ठहाका लगाया और बोले, ‘यार! जलेबी के साथ दही मंगवाया है खाने के लिए। जड़ों में डालने के लिए नहीं।’