लखनऊ महोत्सव के मंच पर सोमवार को अपनी तरह की अनूठी प्रस्तुति हुई। मंच पर वाद्य यंत्रों पर अंगुलियां तो रूस, जर्मनी, यूक्रेन से आई महिला कलाकारों की थिरक रही थीं, पर गीत श्रोताओं की जुबां पर गुनगुनाए जा रहे थे। एक के बाद एक, नए से लेकर सदाबहार और रॉक से लेकर क्लासिकल बॉलीवुड गीतों की धुनें विदेशी कलाकारों ने श्रोताओं को सुनाकर महोत्सव की शाम को यादगार बना दिया।
विज्ञापन
2 of 9
लखनऊ महोत्सव
- फोटो : amar ujala
महोत्सव की दूसरी शाम सांस्कृतिक पंडाल में सर्द वातावरण में इंडो फॉरेन रॉक नाइट के अंतर्गत सॉलिटियर बैंड की प्रस्तुतियों ने गर्माहट भर दी। विदेशी कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई मुग्ध हो गया। वाद्य यंत्रों पर हिंदुस्तानी गीतों की ऐसी पेशकश श्रोता बस सुनते ही रह गए।
विज्ञापन
3 of 9
लखनऊ महोत्सव
- फोटो : amar ujala
महिला कलाकारों ने ड्रम, वायलिन, सेक्सोफोन सहित अन्य इंस्ट्रूमेंट्स पर परफॉर्मेंस की शुरुआत बैंग-बैंग मूवी के टाइटल सॉन्ग से की। इसके बाद कलाकारों ने पार्टी सॉन्ग ‘डिगी बम-बम...’ की धुनें बजाकर तालियां हासिल की।
4 of 9
लखनऊ महोत्सव
- फोटो : amar ujala
इसके बाद ‘धीरे-धीरे से मेरी जिंदगी में आना...’ और एयरलिफ्ट फिल्म के ‘दे दी, दिल चीज तुझे दे दी...’ गाने की धुन बजाकर श्रोताओं को झूमने व गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया।
विज्ञापन
5 of 9
लखनऊ महोत्सव
- फोटो : amar ujala
फिर क्वीन फिल्म का ‘पूरा लंदन ठुमकदा...’, ‘कुड़ी नशे सी चढ़ गई...’, ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा का ‘सेनोरिटा...’, ‘मैं तेरा ब्वायफ्रेंड, तू मेरी गर्लफ्रेंड...’, ‘बदतमीज दिल...’, ‘चिटिया कलाइयां...’ गीतों की धुनें सुनाईं। बैंड ने सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियां भी दीं।
विज्ञापन
6 of 9
लखनऊ महोत्सव
- फोटो : amar ujala
शुरुआत एक प्यार का नगमा है, गीतों की रवानी है... से की। इसी क्रम में दहलीज पे मेरे हमदम..., गुलाबी आंखें..., अजीब दास्तां ये है..., ये मेरा दिल यार का दीवाना... सुनाकर श्रोताओं की तालियां हासिल की।
विज्ञापन
7 of 9
लखनऊ महोत्सव
- फोटो : amar ujala
मंच पर जर्मनी, रूस, यूक्रेन व ब्राजील के इन कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। एना सोवचुके, मरियाना ड्रापेलिक, एनसतासिया कर्मिलिना, मरियाना, डैना, अनिता कोवलोवा, सेनिया, एंझीलिका ने श्रोताओं का दिल जीत लिया।
8 of 9
लखनऊ महोत्सव
- फोटो : amar ujala
ब्राजील के कार्निवाल डांस ने लुभाया
इंस्ट्रूमेंटल गीतों की प्रस्तुतियों के बाद ब्राजील के कॉर्निवाल डांस की परफॉर्मेंस भी हुई। महिला कलाकारों की टीम के जब कदम थिरके तो दर्शकों का जोश भी बढ़ गया। कलाकारों ने मनमोहक नृत्य पेश कर सभी का दिल जीत लिया। इसी क्रम में कलाकारों ने हिंदुस्तानी परिधान पहनकर नृत्य किया।
...और गाने पहचानते रहे श्रोता
मंच पर विदेशी कलाकारों की जैसे ही वाद्य यंत्रों पर अंगुलियां थिरकनी शुरू होती और धुन श्रोताओं के कानों तक पहुंचती तो श्रोता गाना पहचानने में जुट जाते। धुन को कड़ी-दर-कड़ी जोड़ते हुए जब श्रोता गाने पकड़ लेते तो वह उनके होंठों पर आ जाता और श्रोता पूरे मन से गीत गुनगुनाते लगते। यह क्त्रस्म अमूमन हर धुन के बाद चलता रहा, जिसका श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया। ...और गाने पहचानते रहे श्रोता
मंच पर विदेशी कलाकारों की जैसे ही वाद्य यंत्रों पर अंगुलियां थिरकनी शुरू होती और धुन श्रोताओं के कानों तक पहुंचती तो श्रोता गाना पहचानने में जुट जाते। धुन को कड़ी-दर-कड़ी जोड़ते हुए जब श्रोता गाने पकड़ लेते तो वह उनके होंठों पर आ जाता और श्रोता पूरे मन से गीत गुनगुनाते लगते। यह क्त्रस्म अमूमन हर धुन के बाद चलता रहा, जिसका श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया।