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गोंडा-बहराइच में बाढ़ से बिगड़े हालात, हर तरफ पानी ही पानी, तस्वीरें

Sun, 12 Aug 2018 08:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
अवध के जिलों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गोंडा व बहराइच में बाढ़ से 40 से ज्यादा गांव प्रभावित हैं लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर गए हैं। गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज के भिखारीपुर सकरौरा तटबंध टूटने के बाद स्पर नंबर 4 के पास फिर से कटान शुरू हो गई है। घटते जल स्तर के कारण बाढ़ का पानी धीरे-धीरे पांव पसार रहा है और कटान तेज हो गई है। सोनौली मोहम्मदपुर में स्थित एक बड़े तालाब में पानी पहुंच चुका है। लेकिन ग्रामीणों की माने तो इस तालाब को भरने में 24 घंटे से अधिक लग जाएंगे जिसके कारण पानी का फैलाव रुक सा गया है, हालांकि यह तालाब भरते ही पानी तेजी के साथ पूरे गांव में फैल जाएगा। शनिवार को 27 गांव बाढ़ से घिर चुके थे और रविवार को 13 और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए।
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- फोटो : amar ujala
इसमें उदयभान पाही, सुक्खासिंह पाही, नौशहरा, अर्जुन वैशपुरवा, लोधनपुरवा, लोनियन पुरवा, पसियनपुरवा, रामवैश पुरवा में बाढ़ का पानी घुस गया है, जबकि पांच गांवों के किनारे बाढ़ का पानी लग गया है। प्रशासन की ओर से लगातार राहत कार्य किया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य चल रहा है।

रविवार को दोपहर बाद जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने सोनौली मोहम्मदपुर में भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव, एसडीएम तरबगंज सौरभ भट्ट, नायब तहसीलदार इवेंद्र कुमार सहित लेखपाल व स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।
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- फोटो : amar ujala
वहीं, पहाड़ी इलाकों में बरसात से बहराइच के महसी में घाघरा और सरयू नदी का कहर गांवों में जारी है। सरयू नदी के उफनाने से शहर से सटे लगभग छह गांवों में पानी घुस गया है। हालांकि, घाघरा के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। लेकिन निचले इलाकों में बसे 10 गांव अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। रविवार को नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे सोमवार को पुन: जलस्तर बढ़ने की आशंका है। ग्रामीण आशियानों को उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

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- फोटो : amar ujala
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बरसात के कारण घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। कई दिनों से जलस्तर में इजाफा हो रहा था। शनिवार रात भी घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, लेकिन इसके बाद जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई। घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद महसी, कैसरगंज और जरवल क्षेत्र में ऊपरी इलाकों में बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। महसी के गोलागंज नईबस्ती, गड़रियनपुरवा, कुम्हारनपुरवा, पंडितपुरवा, पिपरिया, सिदरखी, सुंदरपुरवा और कैसरगंज तहसील क्षेत्र के अहाता गांव के मजरा बवालीपुरवा समेत चार मजरों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। तहसील प्रशासन ने पहले ही निचले इलाकों में बसे आठ गांवों के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है।
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- फोटो : amar ujala
नदी के तट से सटे कुछ गांवों के ग्रामीण पलायन को भी मजबूर हैं। कटान से गोलागंज क्षेत्र में चार मकान नदी में समाहित हो गए हैं। सरयू नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण शहर से सटे मीरपुर कस्बा इलाके में लगभग एक किलोमीटर की दूरी तक मुख्य मार्ग पर पानी बह रहा है। क्षेत्र के बंगलाचक, बलभद्दरपुरवा, मलुआ भकुरहा समेत छह गांवों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
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