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यूपी के कई जिलों में बाढ़ का कहर, लोग पलायन को मजबूर, तस्वीरें

Thu, 13 Jul 2017 10:23 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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नेपाल से पानी छोड़े जाने और लगातार हो रही बारिश से अवध के कई जिले सरयू और घाघरा की बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
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बाराबंकी में बुधवार दोपहर घाघरा का जलस्तर 106.296 रहा जो खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर था।
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बाढ़ की चपेट में सिरौलीगौसपुर तहसील के रायपुर मांझा, नाउनपुरवा, चरपुरवा, बेहटा व रामसनेहीघाट के लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं। खेतों को काटकर अलीनगर-रानीमऊ तटबंध की ओर बढ़ रही घाघरा से बांध के कटान का खतरा भी बढ़ गया है।

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फैजाबाद में सरयू/घाघरा ने फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। दो दिन से स्थिर होकर घट रही नदी पिछले 24 घंटे में तेजी से उफान पर है। बुधवार शाम चार बजे तक जलस्तर लाल निशान से मात्र 13 सेंटीमीटर दूर रह गया है।
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सीतापुर में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा है। रेउसा क्षेत्र के दो और गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इससे 22 गांव बाढ़ के पानी से बुरी तरह से घिरे हुए हैं।
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गांव के लोग सुरक्षित स्थान के लिए पलायन कर रहे हैं। दुर्गापुरवा व कोनी गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। अंबेडकरनगर में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से सिर्फ 14 सेंटीमीटर नीचे था।
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उधर गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 से 106.29 पर जाकर स्थिर हो गया है। बाढ़ का पानी करनैलगंज इलाके में फैलना शुरू हो गया। शाम तक 20 नए मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए।

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बहराइच में घाघरा का जलस्तर बुधवार सुबह खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर स्थिर हो गया। महसी में बाढ़ से बरुआ कोड़र गांव में 200 लोग फंस गए हैं।
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अब तक उन्हें बाहर निकालने के इंतजाम नहीं हुए हैं। एनडीआरएफ के आने के बावजूद राहत और बचाव कार्य शून्य है।
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