सभी किसानों का कर्जा माफ करने व रोजगार की मांग को लेकर विधानभवन का घेराव करने जा रहे रालोद कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने मंगलवार को लाठियां बरसाईं। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पथराव किया।
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इसमें पुलिसकर्मियों सहित करीब दर्जन भर प्रदर्शनकारी चोटिल हुए हैं। वहीं, देर शाम तक त्रिलोकनाथ रोड पर प्रदर्शनकारी डटे रहे। पार्टी अध्यक्ष ने लाठीचार्ज के दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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मांगों को लेकर रालोद के सैकड़ों कार्यकर्ता व किसान सुबह ही बड़ी संख्या में पार्टी मुख्यालय पर एकत्र हो गए थे। यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने केंद्र व राज्य सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।
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उन्होंने कहा कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाए। जीएसटी लगने से पशुओं का इलाज 50 फीसदी तक महंगा हो गया है। इसे कम किया जाए। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे जयंत की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने विधानभवन की ओर कूच कर दिया। लेकिन पुलिसकर्मियों ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका दिया। इससे गुस्साए कार्यकर्ता पुलिस भिड़ गए।
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दोपहर ढाई बजे के करीब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग गिराकर विधानभवन जाने लगे। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर पथराव कर दिया। काफी देर तक पुलिस व प्रदर्शनकारियों में झड़प होती रही।
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इस दौरान एसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा, एडीएम सिटी संतोष कुमार वैश्य, एसीएम पंचम सृष्टि धवन ने प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे, लेकिन बात नहीं बनी। शाम चार बजे के करीब प्रदर्शनकारी फिर बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे बढ़े तो पुलिस ने पानी की तेज धार छोड़ कर उन्हें तितरबितर कर दिया। इस दौरान झड़प में दो पुलिसकर्मियों के सिर में चोटें आईं।
वहीं पूर्व मंत्री धर्मवीर सिंह बालियान, महबूब आलम, उस्मान, कुंवर वीर चौधरी, रवि चौधरी, सुनील रोहटा, नरेंद्र बघेल सहित दर्जन भर प्रदर्शनकारी घायल हुए। बाद में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद की अगुवाई में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात कराई गई।