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बहराइच व बाराबंकी में बाढ़ से टापू बने कई गांव, पलायन करने को मजबूर ग्रामीण, तस्वीरें

Sat, 10 Aug 2019 02:29 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
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- फोटो : amar ujala
बहराइच व बाराबंकी में बाढ़ से करीब 17 गांव टापू बन गए हैं। गांवों में रास्ते बाढ़ के पानी में बह गए हैं। लोग नावों से सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
बहराइच में घाघरा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ है, लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं। बाढ़ का पानी भरने से जिले में 12 गांवों के ग्रामीण घरों में फंसे हैं। मुख्य मार्गों पर बाढ़ का पानी भरा है, जिससे आवागमन बाधित है। घर में खाने की किल्लत है। मगर अभी तक पीड़ितों को कोई प्रशासनिक सहायता नहीं मिली है। (बहराइच के गांव गोलागंज में बाढ़ के पानी में डूबा गांव का मार्ग।)
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गांवों में पानी भरने की सूचना पर एसडीएम ने शुक्रवार को निरीक्षण किया है। नावें लगाकर गांवों में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

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- फोटो : amar ujala
घाघरा नदी में नेपाल से आ रहे बरसात के पानी के कारण अचानक जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया था। लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी घाघरा में छोड़ा गया था। (गांव में बाढ़ के बाद सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करते ग्रामीण।)
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- फोटो : amar ujala
वहीं, बाराबंकी में उफनाई घाघरा नदी तराई के लोगों की मुसीबत लगातार बढ़ा रही है। सात गांवों को जोड़ने वाले मार्ग नदी की धारा में बह गए हैं। ये गांव टापू बन गए हैं। इससे ग्रामीणों को बाहर निकलने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। इस बीच 73 परिवारों में तिरपाल उपलब्ध कराए गए। (ये दृश्य गांव के मार्ग का है। जहां बच्चे इस तरह सड़क पार कर रहे हैं।)
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- फोटो : amar ujala
बाढ़ कंट्रोल रूम के मुताबिक घाघरा का पानी एल्गिन चरसड़ी बांध पर खतरे के निशान 106.076 मीटर से ऊपर 106.226 मीटर पर पहुंच गया है। नदी का पानी देर रात से फिर बढ़ने लगेगा। इससे कंचनापुर, हेतमापुर आदि गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। (कचनापुर गांव में घाघरा की बाढ़ का निरीक्षण करते एसडीएम रामनगर।)
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- फोटो : amar ujala
बाढ़ प्रभावित टेपरा, बंधौली पुरवा, गोसुवापुर, गोबरहा, सरायं सुरजन, भौलीकोल और सनावां जाने वाले मार्ग बह गए हैं। ये गांव टापू बन गए हैं। इससे लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के लिए निजी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से कोई मदद मुहैया नहीं कराई जा रही है। (बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के भयकपुरवा गांव में बाढ़ के बाद नाव से सुरक्षित स्थान की ओर जाते ग्रामीण।)
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flood - फोटो : amar ujala
गोबरहा गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में घुसा घाघरा की बाढ़ का पानी।
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