यूपी के अवध के जिलों में बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी से घाघरा और शारदा नदियां उफान पर हैं। लगातार यहां नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गांव के गांव पानी से लबालब हैं। घरों में नदियां बहने से लोग बेघर हो चुके हैं। सीतापुर के लोधनपुरवा गांव में तो हालत इतने खराब हैं कि अब नाव पर ही गृहस्थी सजाई जा रही है।
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सीतापुर के गुड़ियन गांव में नाव पर छप्पर लेकर कहीं और जाते ग्रामीण।
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गोंडा के करनैलगंज क्षेत्र में गुरुवार को नित्यक्रिया को गई किरत की बाढ़ के पानी में डूब कर मौत हो गई। जिले के पारसपुर के आठ मजरों में बुधवार की रात बाढ़ का पानी घुस गया। बुधवार रात में नंदौर गांव के समीप एल्गिन चरसड़ी रिंग बांध के करीब 20 मीटर हिस्से को काट डाला। (गोंडा के करनैलगंज स्थित गौरा सिंहनापुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में जलभराव का एक दृश्य।)
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बाराबंकी में नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण जिले के 120 गांव बाढ़ में घिरे हैं। बहराइच के महसी में घाघरा के घटते जलस्तर से पांच मकान कट गए। (सूरतगंज क्षेत्र के कचनापुर गांव से नाव द्वारा बंधे पर जाते ग्रामीण।)
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बहराइच के महसी जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने आए एनडीआरएफ के जवान।