मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अलीगंज स्थित ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप में रविवार देर रात आग लग गई। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। हादसे में लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। एफएसओ और बिजली विभाग की टीम अलग-अलग जांच करेगी।
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- फोटो : amar ujala
अधिशासी अभियंता अंकुर अवस्थी ने बताया कि रात करीब तीन बजे सहायक अभियंता राम लखन ने वर्कशॉप में आग लगने की सूचना दी और अन्य कर्मियों संग आगे बुझाने में जुट गया। उनके पहुंचने से पहले ही दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया था और सवा घंटे में लपटों पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप सीटर में फॉल्ट के चलते निकली चिंगारी से हादसा हुआ। दरअसल वर्कशॉप और उपकेंद्र की दीवार सटी हुई है, जिसके कारण आए दिन फॉल्ट रहता है। इससे निकली चिंगारी की की वजह से ट्रांसफॉर्मर से निकले इंसुलेशन ने आग पकड़ ली। अग्निकांड में इंसुलेशन जल गया, पर एल्युमिनियम सुरक्षित है।
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तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
मध्यांचल निगम के अधीक्षण अभियंता वर्कशॉप चंद्रवीर सिंह गौतम ने बताया कि अग्निकांड की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। कमेटी में लखनऊ जोन के अधिशासी अभियंता वर्कशॉप सौरभ मौर्या, लेसा वर्कशॉप के अंकुर अवस्थी और लेखा विंग के अधिकारी पीके अस्थाना शामिल है।
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एफएसओ समेत दो झुलसे
ट्रांसफार्मर कार्यशाला में आग बुझाने में एफएसओ समेत दो लोग झुलस गए। हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ। प्रभारी निरीक्षक अलीगंज फरीद अहमद के मुताबिक, सूचना पर एफएसओ उमाकांत सिंह के निर्देशन पर आग बुझाने का काम शुरू किया गया। एफएसओ उमाकांत सिंह ने बताया कि वर्कशॉप में तेल से भरा ड्रम रखा था। ड्रम में रखा तेल फर्श पर फैल गया जिससे आग की लपटें फैल गईं। आग बुझाते वक्त एफएसओ उमाकांत सिंह और सब इंस्पेक्टर शेरअली खान झुलस गए।
तीन घंटे तक चले राहत कार्य के बाद दोनों कर्मचारियों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। एफएसओ के मुताबिक, आग बुझाने के लिए चार दमकल की गाड़ियों ने तीन चक्कर लगाए हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। वहीं आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है लेकिन एफएसओ और बिजली विभाग की टीम अलग-अलग जांच करेगी। इसके बाद आग लगने के कारण का पता लगाया जा सकेगा।