केजीएमयू के डिप्टी रजिस्ट्रार के कमरे में आग लगते ही अचानक धुएं का गुबार पल्मोनरी सर्जरी और चर्मरोग वार्ड में घुस गया। इससे वार्ड में अंधेरा छा गया। लोगों की सांसें फूलने लगीं। चीख पुकार मच गई। तीमारदार मरीज को गोद में उठाकर बाहर भागने लगे। सभी को लगा कि जान बचना मुश्किल है।
कई मरीज व तीमारदार लिफ्ट की ओर गए, लेकिन लाइट कटने से लिफ्ट खड़ी हो गई और वे फंस गए। इससे यहां दहशत फैल गई। स्टाफ नर्स ने तत्परता दिखाते हुए इन लोगों को सीढ़ियों तक पहुंचा कर सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच दमकल की गाड़ियां पहुंच गईं और आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा ली गई। हालांकि, धुएं की गंध वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशान करती रही।
सांस के मरीज खांसते रहे तो चर्मरोग के मरीजों को संक्रमण बढ़ने का भय सताता रहा। दूसरे छोर पर स्थित नाक, कान, गला वार्ड में भर्ती मरीज भी सशंकित रहे, लेकिन हवा का रुख बदले होने से उनके वार्ड में गंध का असर कम रहा।