लखनऊ के नाका क्षेत्र में चार मंजिला बिल्ंिडग में चल रही गोमती गुटखा फैक्ट्री में बुधवार रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग भड़कते ही चारों तलों पर काम कर रहे महिला कर्मचारी समेत नाबालिग बच्चे जान बचाकर बाहर निकले। मशीन व केमिकल के चलते आग भीषण हो गई और चार घंटे तक इलाका दहलता रहा।
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आग बुझाने के लिए दमकल की दस गाड़ियां बुलाई गईं। देर रात तक दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। सीएफओ अभयभान पांडेय ने अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान का अंदेशा जताया है।
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सीएफओ ने बताया कि नाका नेवाज खेड़ा में श्याम गुप्ता उर्फ साहू की गोमती गुटखा के नाम से फैक्ट्री है। चार मंजिला बिल्डिंग के सभी तल पर 50 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। देर शाम शिफ्ट बदलने के दौरान साढ़े सात बजे ग्राउंड फ्लोर पर मसाला पैकिंग रूम से हीटर से उठी चिन्गारी से आग लग गई। इस दौरान मसाला पैकिंग के लिए रखी पन्नी धूं-धूं करके जलने लगी।
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धुआं व लपटें देख कर्मचारी शोर मचाते हुए बाहर निकल आए। इस बीच आग लॉबी के सहारे चारों तलों पर पहुंच गई। चारों तल पर काम करने वाले कर्मचारियों ने बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। दमकल दस्ते के पहुंचने से पहले आग पूरे गोदाम में फैल चुकी थी। ऊंची लपटों के साथ धमाके होते देख टीम ने उच्चाधिकारियों को कॉल करके अतिरिक्त गाड़ियों की मांग की।
हजरतगंज, गाजीपुर, आलमबाग, चौक के साथ आस-पास के फायर स्टेशन से गाड़ियां भेजी गईं। इसके बाद इमारत को चारों तरफ से घेरकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। बेसमेंट, भूतल व प्रथम तल से लेकर तीसरे तल कच्चे माल व मशीन से पटा हुआ था। गोदाम में जाने का कोई रास्ता नजर न आने पर दमकलकर्मी बाहर से ही देर रात आग बुझाने में जुटे थे।