राजधानी लखनऊ के नाका के बांसमंडी इलाके में स्थित होटल शांता इन में तीसरे तल के एक कमरे में रविवार दोपहर आग लग गई। एयरफोर्स कॉलोनी, बीकेटी निवासी गौरव मिश्रा व राजाजीपुरम के सी-ब्लॉक निवासी सुशील सिंह शुक्रवार से कमरा नंबर 310 में ठहरे थे।
विज्ञापन
2 of 9
दोनों को रविवार दोपहर 12 बजे कमरा खाली करना था। होटल मैनेजर सोनू ने कमरे में लगे इंटरकॉम पर कॉल की। फोन रिसीव न होने पर वेटर आनंद कुमार को जानकारी करने भेजा। तीसरे तल पर धुआं फैला था।
विज्ञापन
3 of 9
पता चला कि कमरा नंबर 310 में आग लगी है। इस बीच लपटों के बीच जैसे-तैसे दोनों युवक खुद को बचाने के लिए बाथरूम में पहुंच गए और शोर मचाया। वेटर ने धुआं उड़ता देख और शोर सुन अन्य कर्मचारियों को मदद के लिए बुलाया।
4 of 9
होटल के कर्मचारी अग्निशमन उपकरण लेकर दौड़े। मैनेजर ने पुलिस व दमकल दस्ते को कॉल की। नाका थाने की टीम ने बगल वाले कमरे में घुसकर दरवाजा तोड़ा और जान जोखिम में डालकर दोनों छात्रों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन
5 of 9
पुलिस को शक है कि नशे में सिगरेट या गांजा पीने के दौरान बिस्तर में आग लगी जो थोड़ी ही देर में पूरे कमरे में फैल गई। बेड-बिस्तर, फर्नीचर सब राख हो गया। दमकल की दो गाड़ियों ने आग बुझाई।
विज्ञापन
6 of 9
छात्रों के होटल में ठहरने का मामला संदिग्ध
मौके पर छानबीन के बाद एसओ धीरेंद्र यादव ने बताया कि सुशील व गौरव ने नोएडा के जेएसएफ टेक्नोलॉजी एकेडमी ऑफ एजूकेशन से इसी साल बीटेक पास किया था।
विज्ञापन
7 of 9
बलिया के सिकंदरपुर के मूलनिवासी गौरव मिश्रा के पिता ओमप्रकाश मिश्रा एयरफोर्स स्टेशन बीकेटी में मास्टर वारंट अफसर हैं और परिवार समेत एयरफोर्स कॉलोनी में रहते हैं। सुशील सिंह का राजाजीपुरम के सी-ब्लॉक में घर है। ऐसी दशा में दोनों छात्रों का होटल में ठहरने को लेकर संदेह बना हुआ है।
8 of 9
माना जा रहा है कि नशे व कुछ अन्य कारणों के चलते दोनों छात्र दो दिन से होटल में ठहरे थे। होश में आए गौरव ने बताया कि उसके परिवारीजन बलिया गए हैं। यूपीटीयू से डिग्री लेने के लिए वह होटल में रुका था और दोस्त सुशील को भी बुला लिया था।
नशे में बेसुध पड़ा था एक छात्र
होटल के वेटर मनोज कुमार ने पुलिस को जानकारी दी कि वह रोजाना की तरह रविवार सुबह कमरे की सफाई करने गया था। कई बार बेल बजाने पर दरवाजा खुला। नशे में धुत एक युवक बेड पर बेसुध पड़ा था और दूसरा बाथरूम में था। वह भी काफी देर बाद लड़खड़ाते हुए निकला। सफाई करके कमरे से निकलते ही दरवाजा भीतर से बंद कर लिया।