लखनऊ में पारा की आलम विहार कॉलोनी निवासी विजय गुप्ता के मकान व दुकान के पिछले हिस्से में मंगलवार सुबह तेज धमाके से आग लग गई। हादसे में नौकर सुशील गुप्ता (40) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विजय, उनके भाई बबलू और एक राहगीर सुशील झुलस गए। विजय के परिजन सिलेंडर में विस्फोट की बात कह रहे हैं, लेकिन पुलिस पटाखा गोदाम में धमाके के बिंदु पर भी जांच कर रही है। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को जब्त कर लिया है।
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- फोटो : अमर उजाला
एडीसीपी दक्षिण सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक विजय गुप्ता व बबलू गुप्ता ने मकान में विजय ट्रेडर्स और मानवी जनरल स्टोर के नाम से दुकान खोली है। पहली मंजिल पर परिवार रहता है। विजय की दुकान पर हरदोई बालामऊ का सुशील गुप्ता नौकरी करता था। सुबह 9.30 बजे उसने दुकान खोली। करीब 10.15 बजे विजय गद्दी पर बैठे थे। सुशील को पीछे गैलरी में सामान सही करने के लिए भेजा। सुशील अंदर गया, इसके कुछ देर बाद ही तेज धमाका हुआ।
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दहल उठा पूरा इलाका
तेज धमाके से आसपास की कई कॉलोनियां भी दहल गईं। देखते-देखते मौके पर भीड़ जुट गई। लोगों ने पुलिस व फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक पारा त्रिलोकी सिंह ने लोगों को दूर किया। इसी बीच आलमबाग फायर स्टेशन की टीम पहुंची। विजय व बबलू के परिजन को निकालने के बाद पुलिस ने अंदर बचाव कार्य शुरू किया। धमाका इतना तेज था कि सरीपुरा, सोना बिहार, बुद्धेश्वर बिहार, बादशाहखेड़ा और आलमनगर तक के लोग दहल गए। वहीं, धमाके से मकान की छत व दीवार कई जगह से टूट गई। ऐसे में जेसीबी लगवाकर मकान गिराया गया। धमाके से पड़ोसियों के मकान की दीवारें भी चटक गईं।
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तेज धमाके के बाद पूरे इलाके में 15 मिनट तक धुआं छाया रहा। विजय के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि वह गद्दी से उछलकर सड़क पर गिर गया। उसके ऊपर दुकान का ज्यादातर सामान गिर गया था। वहीं राहगीर बादशाहखेड़ा निवासी सुशील अपनी बाइक से जा रहा था, वह भी बाइक से नीचे गिर गया। उसे भी चोटें आईं। करीब 15 मिनट तक तो दुकान के अंदर व बाहर कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था। हर तरफ धुएं का गुबार था।
पुलिस व अग्निशमन कर्मचारियों को राहत कार्य के दौरान धुएं के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंदर जाने के लिए अग्निशमन कर्मचारियों ने ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रयोग किया। बचाव कार्य के लिए पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी गई जिससे 200 घरों के लोग प्रभावित हुए।
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फंसे 14 लोगों को सुरक्षित निकाला
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय सिंह के मुताबिक, हादसे के बाद तीन मकानों में 14 लोग फंस गये थे। अग्निशमन विभाग की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। इसमें विजय गुप्ता के परिवार में मां सुशीला, पत्नी पूजा, बेटी अंजलि थी। वहीं बबलू की पत्नी संगीता, बेटी मानवी, गौरी, बेटा प्रिंस, पड़ोसी बृजेश गुप्ता के परिवार में पत्नी पूनम, बेटी खुशी, मीठी और पीहू शामिल हैं। सभी को निकालने में टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग व धुएं पर काबू पाया गया। इसके बाद उसे गिरवा दिया गया। पुलिस टीम जब अंदर दाखिल हुई तो वहां दुकान के दरवाजे के पास नौकर सुशील का क्षत-विक्षत शव पड़ा था।
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आलमनगर ओवरब्रिज के नीचे का रास्ता बंद
एडीसीपी दक्षिण सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक, हादसे के बाद दोपहर को मकान को गिरा दिया गया। आलमनगर ओरवब्रिज के नीचे के रास्ते को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया। पीएसी तैनात कर दी गई। जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा था। ओवरब्रिज पर भीषण जाम लग गया था।
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संशय : सिलेंडर फटा या पटाखा गोदाम में हुआ धमाका
पुलिस के मुताबिक, विजय मूलरूप से हरदोई के रहने वाले हैं। वह 30 साल पहले अपने परिवार के साथ आलम बिहार में बस गए। विजय के मुताबिक, धमाका उनकी दुकान में पिछले हिस्से में रखे रसोई गैस सिलेंडर के फटने से हुआ। हालांकि अग्निशमन के अधिकारियों की माने तो वहां पर सिलेंडर फटने का कोई प्रमाण नहीं दिख रहा है। आशंका है कि दुकान के पिछले हिस्से में पटाखे का भंडारण किया गया था जिसके कारण हादसा हुआ है। इस मामले की जांच की जा रही है। हादसे के दौरान विजय की मां सुशीला, पत्नी पूजा और बेटी अंजलि के अलावा भाई बबलू का परिवार अंदर फंस गए जिन्हें पुलिस व अग्निशमन कर्मचारियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की।
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दो जेसीबी से गिराया गया मकान, पड़ोसियों की दीवारें चटकी
प्रभारी निरीक्षक पारा त्रिलोकी सिंह के मुताबिक, हादसे की सूचना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय सिंह, तहसीलदार सुरेश सिंह, नगर निगम के कर निरीक्षक चंद्रशेखर सहित कई लोग पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम ने राहत कार्य के बाद मकान का मुआयना किया। मकान की छत व दीवार कई जगह से टूट गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर दोपहर बाद दो जेसीबी लगवाकर मकान को गिराया गया। हादसे के कारण पड़ोसी बृजेश गुप्ता और कदीर अहमद के मकान की दीवारें भी कई जगह से चिटक गईं। जिसे देखने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मुआयना के बाद कार्रवाई की बात कही है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से सभी प्रभावित परिजनों को दूसरे स्थान पर भेज दिया गया है।
विस्फोट के कारणों की हो रही जांच
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय सिंह के मुताबिक, आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है। मलबा हटाने का काम किया गया। इस दौरान अंदर से रसोई गैस सिलेंडर के अवशेष नहीं मिले हैं। आसपास पूछताछ में सामने आया कि विजय पटाखे का भी काम करते हैं। दीपावली नजदीक है। उसके लिए पटाखों का भंडारण किया हो। इस संबंध में जांच की जा रही है। वहीं एडीसीपी दक्षिण सुरेश चंद्र रावत के मुताबिक घर में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। उसकी डीवीआर जब्त कर ली गई है। देर शाम तक हटाये गये मलबे में सिलेंडर के अवशेष की तलाश की जा रही थी। पुलिस विस्फोट के कारणों की जांच कर रही है। पटाखे के भंडारण की भी जांच की जा रही है।