अनामिका शुक्ला के नाम व दस्तावेज के आधार पर प्रदेश के 25 नहीं, बल्कि नौ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में फर्जी अनामिका नौकरी कर रही थीं। यह दावा किया है महानिदेशक, बेसिक शिक्षा विजय किरण आनंद ने। उनके अनुसार पिछले 13 महीने में बागपत के बड़ौत, प्रयागराज के सोरांव और वाराणसी के सेवापुरी केजीबीवी से फर्जी शिक्षिका को एक भी रुपये मानदेय का भुगतान नहीं हुआ। जबकि अन्य छह केजीबीवी से कुल 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
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अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
सेवापुरी में नौकरी हासिल करने वाली फर्जी अनामिका ने अब तक कार्यभार ही ग्रहण नहीं किया है। सोरांव में अक्तूबर 2019 में तैनात व बड़ौत में फर्जी अनामिका को भी मामला संदिग्ध लगने पर मानदेय भुगतान नहीं किया गया। जबकि अलीगढ़ के बिजौली, अंबेडकरनगर के रामनगर, सहारनपुर के मुजफ्फराबाद, कासगंज के कासगंज ग्रामीण, अमेठी के अमेठी, रायबरेली के बछरावां केजीबीवी में कार्यरत फर्जी शिक्षिका अनामिका को करीब 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। बेसिक शिक्षा महानिदेशालय के निर्देश पर सोमवार तक सभी नौ जिलों में फर्जी शिक्षिका अनामिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
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शिक्षिका अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
अब सभी शिक्षिकाओं की होगी दक्षता परीक्षा
केजीबीवी में फर्जी शिक्षिका मिलने के बाद में अब वहां कार्यरत सभी शिक्षिकाओं की दक्षता जांच होगी। जिलाधिकारी और डायट प्राचार्य की संयुक्त टीम लिखित दक्षता परीक्षा लेगी। जिस शिक्षिका ने जिन विषयों में इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोतर और बीएड की हैं, उनसे उन्हीं विषयों की परीक्षा ली जाएगी।
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अनामिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
अब तक नहीं मिली असली अनामिका
महानिदेशालय से लेकर शासन तक को हैरान करने वाली असली अनामिका शुक्ला का पता बेसिक शिक्षा विभाग अब तक नहीं लगा सका है। अनामिका की अंकतालिका पर गोंडा से हाईस्कूल, इंटर और बीए करने का पता लगा है। महानिदेशालय ने सोमवार को गोंडा के बीएसए को पत्र लिखकर संबंधित स्कूल, वहां के रजिस्टर या टीसी दस्तावेज से असली अनामिका शुक्ला का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
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शिक्षिका से जानकारी लेते विभागीय अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इधर, ‘अमर उजाला’ को मिले दस्तावेजों के अनुसार पढ़ाई के दौरान अनामिका ने गोंडा शहर का पता दिया था, लेकिन वहां शिक्षिका की नौकरी के लिए आवेदन किया तो उसमें मैनपुरी का पता दिया था। मगर, वह काउंसलिंग में शामिल नहीं हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि अंबेडकरनगर और अमेठी में नौकरी के लिए किए गए आवेदनों में हैंड राइटिंग लगभग एक जैसी है, लेकिन दोनों आवेदनों पर फोटो अलग-अलग हैं।
सिर्फ नौ केजीबीवी में ही अनामिका शुक्ला के फर्जी दस्तावेज से नियुक्ति के मामले पकड़े गए हैं। कुल 12 लाख रुपये मानदेय का भुगतान किया गया है। हम दस्तावेज का सत्यापन कराने के साथ दक्षता का भी परीक्षण करा रहे हैं। -विजय किरण आनंद, महानिदेशक बेसिक शिक्षा