फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुर्गेश यादव हत्याकांड: ब्यूटी पार्लर चलाने वाली बनी जालसाज, पलक ठाकुर नहीं ये है असली नाम

Sat, 05 Sep 2020 10:50 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
durgesh yadav murder case - फोटो : अमर उजाला
राजधानी लखनऊ के पीजीआई के वृंदावन कॉलोनी सेक्टर-14 में समीक्षा अधिकारी अजय यादव के मकान में हुए दुर्गेश हत्याकांड में मुख्य आरोपी पलक ठाकुर की कार पुलिस ने कृष्णानगर इलाके से बरामद कर ली है। इसे छिपाने वाले अयोध्या के बैदहीनगर सबाहगंज निवासी संतोष कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। 
विज्ञापन

2 of 5
Durgesh Yadav murder case - फोटो : अमर उजाला
वहीं, हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमें रवाना की है। दुर्गेश के कमरे की तलाशी में मिले दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की है। इसमें 25 बेरोजगारों को भेजे गए रेलवे भर्ती बोर्ड का नियुक्ति पत्र मिला है। पड़ताल में सामने आया कि बेरोजगारों से पांच से 10 लाख रुपये तक की वसूली की गई थी।

 
विज्ञापन

3 of 5
durgesh yadav murder case - फोटो : अमर उजाला
प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा के मुताबिक, दुर्गेश के कमरे से 30 फर्जी सर्विस बुक मिली हैं। इसमें कर्मचारियों के नाम भी दर्ज हैं। उनके अंगूठे के निशान भी लगे हैं। बेरोजगारों को झांसे में लेने के लिए इस सर्विस बुक का प्रयोग किया जाता था। पुलिस ने इन सर्विस बुक को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है।

4 of 5
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
चलाती थी ब्यूटी पार्लर, बन गई जालसाज 
पलक ठाकुर का असली नाम प्रीति सिंह है। वह मूलरूप से अंबेडकरनगर की रहने वाली है। लखनऊ में कुछ दिनों तक ब्यूटी पार्लर का काम करने के दौरान उसकी मुलाकात सचिवालय से संबंधित कई लोगों से हुई। उसने 35 से अधिक लोगों से नौकरी के नाम पर रुपये लेकर दुर्गेश यादव को दिए थे। इसमें कुछ रुपये अपने पास रख लिये थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दुर्गेश यादव की पिटाई करते हुए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
बेरोजगारों के अंकपत्र व आधार कार्ड बरामद
पुलिस को छानबीन में 120 बेरोजगार युवकों के अंकपत्र व आधार कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। इसमें बैंक के 23 पासबुक भी हैं। पुलिस के मुताबिक, जालसाजों के वाहनों पर लगे सभी पास स्कैन किए हुए हैं। जांच के लिए पास सचिवालय भेजे गए हैं। वहीं, सचिवालय में जिस कर्मचारी ने जालसाजों की मदद की है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें