रविवार को पहली बार डबल डेकर ट्रेन दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से निकलकर लखनऊ जंक्शन पहुंची। इस खास ट्रेन का लोगों को काफी दिनों से इंतजार था।
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डबल डेकर तो वाकई अलग टाईप की दिखती है, तस्वीरें
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लखनऊ जंक्शन के कैबवे पर कई शहरवासी बड़ी बेसब्री से कानपुर छोर की ओर निहार रहे थे। इस बीच पहली बार डबल डेकर स्पेशल के आने की उद्घोषणा हुई।
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अपने साथ 650 यात्रियों को लेकर 480 किलोमीटर का सफर तय करते हुए चार हजार हॉर्स पावर के इंजन के साथ एसी डबल डेकर ट्रेन बड़ी शान से लखनऊ जंक्शन पहुंची।
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डबल डेकर मुरादाबाद से बरेली सेक्शन पर 110 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ी। इसका नतीजा यह रहा कि डबल डेकर 40 मिनट पहले ही कई स्टेशनों को पार करते हुए काकोरी तक पहुंच गई।
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डबल डेकर ट्रेन की बनावट इतनी शानदार है कि इसके नीचे वाले हिस्से में बैठे यात्री अधिक रोमांचित हो गए। उसपर चार हजार हार्सपावर वाले नीचे की सीट पर बैठकर सफर कर रहे यात्रियों को लग रहा था कि मानो वह पटरी से एक मीटर की ऊंचाई से गिटटीयों के बीच हवा से बातें कर रहे हों।
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यूपी पहली डबल डेकर ट्रेन से लखनऊ पहुंचे यात्रियों को यह बहुत पसंद आई। हालांकि इसमें पैंट्रीकार न होने और बीच रास्ते पानी तक की व्यवस्था न होने से कुछ यात्री नाराज भी जरूर दिखे। ट्रेन से आए यात्रियों ने इस तरह डबल डेकर के सफर के अपने अनुभव बांटे।
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यात्रियों ने बताया कि नौ घंटे का लंबा सफर है। बैठने की सीट थोड़ी छोटी है या यूं कहे तो शताब्दी एक्सप्रेस की तरह आरामदायक नहीं है। पैंट्री कार न होने से भूख और प्यास से बीच रास्ते बुरा हाल रहा।
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पहली बार लखनऊ पहुंची एसी डबल डेकर के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में आए यात्रियों के परिवार तो पहुंचे लेकिन एक भी रेलवे अफसर इस ट्रेन को देखने तक नहीं पहुंचा।
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पहली बार डबल डेकर से सफर कर लखनऊ पहुंचे यात्रियों में इसे यादगार बनाने के लिए खूब फोटो खींचे गए। कोई ट्रेन के अंदर बैठकर फोटो खिंचवा रहा था तो कोई नीचे उतरकर चमचमाती बोगी की फोटो खींच रहा था।