मरीज
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बलरामपुर अस्पताल में माह भर पहले कोई एक युवती को गंभीरा हालत में छोड़ गया था। किशोरी को खून की कमी थी। उसके हाथ-पैरों में सूजन थी। कई स्थानों पर चोट के निशान थे। बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विष्णु कुमार ने इस युवती को देखा तो उसे ब्लड की जरूरत थी। उन्होंने ही उसके खाने-पीने, दवाइयों, कपड़ों आदि की व्यवस्था की।