फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Blast: हमदर्द बनकर युवाओं को दहशतगर्द बनाती थी शाहीन, मरीजों का करती थी ब्रेनवॉश, चौंकाने वाले खुलासे

Thu, 13 Nov 2025 10:31 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद डॉ. शाहीन को लेकर चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वो हमदर्द बनकर युवाओं को दहशतगर्दी से जोड़ती थी। उसका अलकायदा इन इंडियन सब कांटिनेंट मॉड्यूल से कनेक्शन तलाशा जा रहा है।
विज्ञापन
1 of 8
- फोटो : amar ujala
डॉ. शाहीन हमदर्द बनकर युवाओं को दहशतगर्द बनाने की साजिश का हिस्सा थी। वह न केवल मेडिकल के छात्रों को बरगला रही थी, बल्कि मुस्लिम मरीजों का भी ब्रेनवॉश करती थी। एटीएस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में शाहीन के इन गतिविधियों के सुराग मिले हैं।

यह पहला मामला नहीं है जब आतंकी गतिविधियों में डॉक्टरों की संलिप्तता पाई गई है। इसके पहले अगस्त 2024 में दिल्ली पुलिस ने यूपी एटीएस, राजस्थान और झारखंड पुलिस के साथ आतंकियों के बड़े नेटवर्क का राजफाश किया था। तब रांची का डॉ. इश्तियाक अहमद गिरफ्तार किया गया था, जो गिरोह का सरगना था। खुफिया एजेंसियों ने अलकायदा इन इंडियन सब कांटिनेंट नाम के मॉड्यूल का खुलासा कर कई राज्यों से 14 लोगों को पकड़ा था।
विज्ञापन

2 of 8
डॉ. शाहीन व डॉ. परवेज। - फोटो : स्रोत - एटीएस।
एक बार फिर डॉक्टरों की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आने के बाद एटीएस अलकायदा इन इंडियन सब कांटिनेंट मॉड्यूल से जुड़े लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। दोनों मॉड्यूल के आपसी कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं। एटीएस की एक टीम ने दिल्ली में भी छानबीन की है।
विज्ञापन

3 of 8
- फोटो : amar ujala
विदेश में पढ़ने वाली लड़कियों का ऑनलाइन ब्रेनवॉश
सूत्रों का कहना है कि विदेश में पढ़ाई करने वाली लड़कियों से शाहीन ऑनलाइन बात करती थी। वह उन्हें जमात उल मोमिनात से जोड़ने लिए ब्रेनवॉश करती थी। वह छात्राओं से ऑनलाइन गाइडेंस के नाम पर संपर्क करती थी। धीरे-धीरे हमदर्दी जताने के बहाने वह उन्हें संदिग्ध गतिविधियों में जोड़ लेती थी। बताया जा रहा है कि शाहीन ने कई बार जम्मू-कश्मीर का दौरा भी किया था। शाहीन का काम आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का था।

4 of 8
- फोटो : amar ujala
आमने-सामने बैठाकर होगी पूछताछ
आतंकी कनेक्शन मामले में गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन का आमना-सामना उसके भाई डॉ. परवेज से कराया जाएगा। अभी दोनों से अलग अलग पूछताछ की गई है। इसके बाद दोनों से एक साथ पूछताछ होगी। इसी मामले में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल से भी परवेज के कनेक्शन के बारे में जानकारी की जाएगी।
विज्ञापन

5 of 8
डॉ.परवेज के घर छानबीन करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
सूत्रों का कहना है कि डॉ. परवेज कीपैड फोन से ही अपने करीबियों से बात करता था। बुधवार को परवेज के आईआईएम रोड के मुत्तकीपुर स्थित तकवा कॉलोनी में घर के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। मोहल्ले के लोग भी घरों से बाहर नहीं निकले। परवेज के दोस्त फारूख ने बताया कि वह अक्सर इलाज के लिए परवेज से सलाह लेते थे। व्हाट्सएप पर समस्या लिखकर भेजने पर परवेज दवाई का नाम लिखकर भेज देता था।
विज्ञापन

6 of 8
- फोटो : amar ujala
फारूख ने बताया कि परवेज ने व्हाट्सएप पर डिस्प्ले पिक्चर में सीनरी की फोटो लगा रखी है। कैसरबाग के खंदारी बाजार में रहने वाले पड़ोसियों ने बताया कि परवेज कई साल पहले मोहल्ले में क्रिकेट खेलता था। बाद में उसका यहां आना-जाना कम हो गया। मोहल्ले के लोग परवेज और शाहीन का नाम आतंकी गतिविधियों में आने पर हैरान हैं।
विज्ञापन

7 of 8
- फोटो : amar ujala
हर जुबान पर दिल्ली में धमाके की चर्चा
डॉ. परवेज के हिरासत में लिए जाने के बाद मुत्तकीपुर के तकवा कॉलोनी समेत पूरे इलाके में पुलिस और एटीएस की छापेमारी की चर्चा रही। बुधवार सुबह से ही इलाके में लोग डॉ. परवेज को लेकर बातें करते दिखे। मुत्तकीपुर गांव से सटी तकवा कॉलोनी में कई लोग उसका घर देखने पहुंचे।
विज्ञापन

8 of 8
- फोटो : amar ujala
कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग इश्तियाक ने बताया कि डॉ. परवेज आमतौर पर किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था। कभी-कभी मुलाकात होने पर केवल दुआ-सलाम होता था। एक अन्य युवक ने बताया कि डॉ. परवेज मस्जिद में मोबाइल पर कुरान पढ़ता था। इसे लेकर कुछ लोगों से उसका विवाद भी हुआ था, जिसके बाद वह कुछ समय तक मस्जिद नहीं आया। गांव के एक बुजुर्ग ने अफसोस जताते हुए कहा कि बाहर से आकर लोग यहां घर बनाते हैं और फिर किसी गलत गतिविधि में लिप्त पाए जाते हैं। इससे बदनामी पूरे गांव की होती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें