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कन्नौज हादसा: बुझ गए परिवार के चिराग, एक साथ जलीं चार चिताएं, तीन गांवों में मातम छाया, नहीं जले चूल्हे

Sun, 14 Feb 2021 01:48 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
काकोरी के कलियाखेड़ा, बुधड़िया और पानखेड़ा में शनिवार की सुबह जब पांच युवकों व किशोर की मौत की सूचना मिली तो तीनों गांव में मातम छा गया। जब दोपहर बाद एक साथ कलियाखेड़ में चार युवकों की चिताएं जलीं तो गांव के लोगों की आंख में आंसू थे। हर किसी के जुबान पर एक ही सवाल था अब परिवारों को कौन संभालेगा।
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- फोटो : amar ujala
बुधड़िया निवासी सचिवालय से सेवानिवृत्त भईयालाल यादव का बेटा ज्ञानेंद्र यादव (32) अपने बहनोई के छोटे भाई कलियाखेड़ा निवासी प्रमोद यादव उर्फ पप्पू (35), सोनू यादव (31), सत्येंद्र यादव (18), सूरज (15) और मोहित पाल (36) के साथ शुक्रवार शाम राजस्थान के दौसा स्थित मेंहदीपुर बालाजी जा रहा था। सभी एक ही कार में थे और ज्ञानेंद्र ड्राइविंग कर रहा था।
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- फोटो : amar ujala
करीब एक बजे आगरा एक्सप्रेस-वे पर तालग्राम थानाक्षेत्र में चलते ट्रक से जा टकराई और सभी की मौत हो गई। शनिवार तड़के करीब 3.30 बजे सभी मृतकों के घर पर सूचनाएं पहुंच गईं। इसके बाद परिजन कुछ करीबी लोगों को लेकर कन्नौज मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर दोपहर को गांव लौट पाए।

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- फोटो : amar ujala
हादसे में जान गंवाने वाले कालियाखेड़ा के प्रमोद, उसके चचेरे भाई सत्येंद्र व पट्टीदार सूरज के अलावा मोहित का शव गांव पहुंचा तो चीखपुकार मच गई। महिलाओं को संभालना मुश्किल हो गया। हृदय विदारक मंजर देख बडे़ बुजुर्ग सभी की आंखें नम हो गईं। गांव के किसी भी घर में चूल्हा तक नहीं जला। कुछ देर तक शव दरवाजे पर रखने के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले गए। परिजनों की चीखों और रुदन के बीच एक साथ चारों की चिताओं को मुखाग्नि दी गई।
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मृतकों के घर मौजूद ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद निकाले जा सके शव
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तालग्राम थाना इलाके में हुए हादसे में छह लोगों की मौत का मंजर देखने वालों की रूह कांप गई। ट्रक के पिछले हिस्से में क्षतिग्रस्त कार का अगला हिस्सा फंस गया था। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद कार से शवों को बाहर निकाला जा सका।
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- फोटो : amar ujala
तालग्राम थाना इलाके के बेहटा-तिलकापुर के पास भीषण हादसे के बाद यूपीडा, एनसीसी और पुलिसकर्मियों को कार से शव निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हादसा रात लगभग एक बजे हुआ। सूचना के दस मिनट के अंदर टीम पहुंच गई। कार ट्रक के पीछे घुसी थी।
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मृतक सूरज व मोहित पाल। - फोटो : amar ujala
यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह ने बताया कि कार के इंजन से लेकर छत और खिड़कियों के परखचे उड़ गए थे। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। सफलता नहीं मिली।

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मृतक ज्ञानेंद्र यादव व सत्येंद्र यादव। - फोटो : amar ujala
फगुआ भट्ठा के पास तिर्वा में खड़ी क्रेन को मंगाया गया और कार बाहर निकाली गई। इसके बाद कार के हिस्सों को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसमें करीब साढ़े तीन घंटे लग गए। सुबह चार बजे मेडिकल कालेज तिर्वा में डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही सभी की मौत हो गई।

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मृतक प्रमोद यादव उर्फ पप्पू। - फोटो : अमर उजाला
ट्रक के चालकों और क्लीनर ने भी की मदद
हादसे के बाद ट्रक के दो चालकों और क्लीनर ने भागने के बजाय हादसे की सूचना पुलिसकर्मियों को दी। साथ ही कार में फंसे लोगों को निकालने में भी मदद की। तमिलनाडु के धर्मपुरी हरूर निवासी बाबू ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को ट्रक से केलों की खेप लखनऊ उतार कर आगरा जा रहे थे। ट्रक में दूसरे चालक चंदन बादशाह और क्लीनर कुंवर थे। पुलिस हिरासत में चालक ने बताया कि कोहरे के चलते वह धीमी गति से चल रहे थे। इस दौरान पीछे से कार घुस गई। पता तब चला जब तेज धमाका हुआ और ट्रक भारी हो गया।
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हादसे का एक दृश्य। - फोटो : amar ujala
सिर में गंभीर चोट लगने से हुई सभी की मौत
एक्सप्रेस-वे पर हादसे में सभी लोगों की मौत का प्रमुख कारण सिर में चोट लगना रहा। दुर्घटना के चलते कार ट्रक के नीचे चली गई और छत क्षतिग्रस्त होकर सभी के सिर में घुस गई। इससे मौत हो गई। दो लोगों का लिवर फट गया था। एक शख्स को कंधा टूटा मिला।
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