कहीं गुजराती तो कोई महाराष्ट्रन पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं, ढोल-नगाड़े की थाप पर कानों में घुलता मधुर संगीत, एक दूसरे से टकराती हुई डांडियां की गूंज। संगीत की सुर में झूमते लोग। यह नजारा था शनिवार को सुलतानपुर रोड स्थित सुशांत गोल्फ सिटी के जेडी गोयनका पब्लिक स्कूल में आयोजित अमर उजाला डांडिया नाइट का।
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यहां हजारों की तादात में मौजूद शहर वासियों ने डांडियां की रास पर मां की स्तुति कर जमकर धमाल मचाया। नगाड़ा संग ढोल बाजे...गूंजे अंगना में शहनाई...ढम-ढम बाजे ढोल सरीखे डांडिया गीतों पर हजारों लोगों ने एक साथ स्तुति करते हुए डांडिया खेल कर ‘मां’ की पूजा-अर्चना की। इस मौके पर मुंबई से आए एंड टीवी के सिंगिंग शो वायस ऑफ इंडिया में अपनी आवाज की जादू का लोहा मनवा चुके सिंगर सचेत टंडन व परंपरा ने अपने अंदाज से लोगों को दीवाना बना दिया।
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लगातार दो घंटों तक चले बैक टू बैक धमाकेदार सिंगिंग पर्फामेंस से सब झूमने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम क्रम का आयोजन जीडी गोएनका स्कूल की ओर से किया गया। वहीं अमर उजाला इस भव्य कार्यक म का मीडिया पार्टनर रहा।
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कहीं उड़े दिल बेफिकरे तो कहीं हाय रे हाय मेरा घुंघटा पर हुए मदहोश
उड़े दिल बेफिकरे...हाय रे हाय मेरा घुंघटा...तू मेरी गर्लफ्रेंड मैं तेरा ब्वाय फ्रेंड...इन्ना सोंढ़ा जैसे गानों पर रॉकिंग पर्फामेंस देकर सिंगर सचेत टंडन व परंपरा का जादू सबके सिर चढ़ कर बोला। बैक-टू-बैक रॉकिंग पर्फोमेंस पर सबने जमकर डांस किया।
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दो घंटे की लगातार प्रस्तुति की श्रंखला में जब सचेत व परंपरा ने ओ मेरी जोहराजबीं..हमें तो लूट लिया मिल के हुस्न वालों ने...झूम बराबर झूम शराबी जैसे गानों की प्रस्तुति दी तो पूरा हाल सीटियों से गूंज उठा। वंस मो-वंस मोर के शोर से पूरा हॉल गूंज उठा। जोश व मदहोशी से भरे इस माहौल में सभी ने जमकर मौज-मस्ती कर धमाल मचाया।
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इस मौके पर जहां लहंगा-चोली में सजी तीन साल की प्रियांशी अपनी मां के साथ डांडिया करती नजर आई। वहीं बुजुर्गों का भी उत्साह देखते बन पड़ा। भक्ति के रस में डूबे शहरवासियों के झूमते कदम थमने का नाम नहीं ले रहे थे। देर रात चले इस कार्यक्रम में नन्हें बच्चों से लेकर बड़ो तक ने जमकर मौज-मस्ती की और धमाल मचाया।
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फूड स्टॉल में लिया चटपटे व्यंजनों का लुत्फ
इस स्पेशल डांडिया नाइट को और भी ज्यादा यादगार बनाने के लिए यहां तरह-जरह के लजीज व्यंजनों के तमाम स्टॉल का भी इंतजाम किया गया था। बच्चों के लिए चटपटी पानी-पूरी से लेकर, आइसक्रीम, कुल्फी, पिज्जा, रोल व कुछ अलग-अलग प्रदेश के पारंपारिक पकवान भी मौजूद थे। नाच-गाने से धमाल मचाने के बाद सबने लजीज पकवानों का मजा लिया।