काकोरी के आम्रपाली योजना में रहने वाले सेवानिवृत्त सचिवालय कर्मचारी हरिकृष्ण वर्मा के घर रविवार दिनदहाड़े डकैतों ने पुलिसिंग के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। पीड़ित ने बताया कि असलहाधारी पांच नकाबपोश बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाया और नकदी व जेवरात लेकर भाग निकले। पुलिस ने पांच बदमाशों के खिलाफ डकैती का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूचना पर पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वारदात के पर्दाफाश के लिए चार टीमें बनाई हैं।
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- फोटो : amar ujala
मूलरूप से सिद्धार्थनगर निवासी हरिकृष्ण वर्मा दुबग्गा की आम्रपाली योजना में परिवार संग रहते हैं। वे सचिवालय की सुरक्षा में तैनात थे। परिवार में पत्नी धानमति, बेटे अभिषेक व ऐश्वर्य रहते हैं। हरिकृष्ण के मुताबिक, यहां वह सालभर से किराए पर रह रहे हैं।
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अभिषेक के मुताबिक, रविवार दोपहर माता-पिता घर पर थे। जबकि ऐश्वर्य बाहर गया था। अभिषेक के मुताबिक, दरवाजे की बेल बजने पर गेट खोला तो दो नकाबपोश बदमाश असलहा दिखाकर धमकाते हुए अंदर दाखिल हो गए। तीन और बदमाश दाखिल हुए। असलहों के दम पर उसे और माता-पिता को बंधक बना लूट की।
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किसी तरह बंधनमुक्त होने के बाद दी सूचना
हरिकृष्ण की पत्नी धानमति के मुताबिक, किसी तरह अपने हाथ खोले और पति व बेटे अभिषेक को मुक्त कराया। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय मौके पर पहुंचे और डीसीपी दक्षिण रईस अख्तर से जानकारी हासिल की। उन्होंने पुलिस को आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का निर्देश दिया।
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दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में दहशत
दिनदहाड़े डकैती से इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक घनश्याम मणि के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बदमाशों ने 15 हजार नकदी और जेवरात लूटे हैं। वारदात के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच की टीम भी लग गई है।
स्थानीय बदमाशों के शामिल होने की आशंका
एसीपी काकोरी एसएम आब्दी के मुताबिक, वारदात बिना मारपीट की हुई। संदेह है कि स्थानीय बदमाशों के किसी गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि बदमाशों ने चेहरा ढंका था और सभी के पास जंग लगे असलहे थे। बिना मारपीट के लूटपाट करने से लगता है कि बदमाश पेशेवर नहीं थे।