पुजारी सम्राट दास
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मंदिर से जुड़े लोग बताते हैं कि गांव के प्रधान रहते समय ही अमर सिंह ने भूमि पर कब्जा करने के इरादे जता दिए थे। महंत सीताराम दास कहते हैं कि इन लोगों ने मंदिर की भूमि पर कब्जा करके दुकान, घर व तालाब बना लिए हैं। इसमें प्रमुख भूमिका पूर्व प्रधान अमर सिंह की ही है। वह आए दिन मंदिर के काम में दखल देते हैं। हालांकि, महंत ने प्रशासन के सहयोग से 120 बीघे भूमि खाली करा ली थी। अब उसी भूमि पर फिर से कब्जा करने के लिए तीन साल से मंदिर के लोगों की घेराबंदी की जा रही है। कई हथकंडे अपनाने के बाद भी जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो दो साल पहले महंत सीताराम दास पर हमला हुुआ था। जिसका मुकदमा दर्ज हुआ और गैंगेस्टर के तहत पूर्व प्रधान अमर सिंह व उनके साथियों पर कार्रवाई हुई। शनिवार की देर रात करीब दो बजे गोली कांड के समय सुरक्षा में होमगार्ड तैनात थे।
घटना के एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक
तिर्रेमनोरमा के श्रीराम जानकी मंदिर में पुजारी को गोली मारे जाने के घटना की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक शैलेष कुमार पांडेय एक घंटे बाद पहुंचे। जिसके बाद गांव की घेराबंदी की गई और पूरे इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। एसपी ने कहा कि घटना में कड़ी कार्रवाई होगी। आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है ।