लखनऊ में शहर के बड़े पार्क कुछ इस तरह की गतिविधियों में व्यस्त पाए गए।
पार्क इस तहर के प्रेमी जोड़ों से भरे रहे जो आमतौर पर प्यार को इसी तरह से
सेलिब्रेट करते हैं।
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वैलेंटाइन पर कुछ आगे ही बढ़ गए ये प्रेमी जोड़े...
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वैलेंटाइड डे पर हाल ही में अतिरिक्त सर्तकता दिखती है। कुछ हिंदूवादी
संगठनों के अलावा पुलिस भी इन जगहों पर सख्त परहा होता है। शायद यही सीख इन
प्रेमी जोड़ों ने पिछली बरस हासिल की थी।
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वैलेंटाइड डे के एक दिन पहले न तो पुलिस का कड़ा पहरा था और न ही किसी
संगठन के कार्यकर्ता का डर। तो इन प्रेमी युगलों ने वैलेंटाइड को खास बनाने
के लिए जो कुछ बन पड़ा वह किया।
वैलेंटाइन पर कुछ आगे ही बढ़ गए ये प्रेमी जोड़े...
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वैलेंटाइन पूर्व इस प्रेम की खास बात यह थी कि इसमें ऐसे भी युवक और
युवतियां नजर आए जो स्कूलों में पढ़ रहे थे। वह स्कूली ड्रेस पहनकर ही
वैलेंटाइन मना रहे थे।
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लखनऊ में कुछ सालों से यह कल्चर बनता जा रहा है कि वैलेंटाइड डे को शहर के
प्रेमी वैसे ही एंज्वाय करते हैं जैसा कल्चर मेट्रो शहर में देखने को आता
है।
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इन पार्कों के कर्मचारी बताते हैं कि यहां तो सब खुलेआम होता है। जो पहली
बार आता है उसे भद्दा लगता है, शर्म आती है। दो-चार दिन आ जाए तो सब
शर्म-हया खत्म हो जाती है।
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कुछ कर्मचारी दबी जुबान में कहते हैं कि इक्का-दुक्का को छोड़ फूहड़ता
कर्मचारियों की कमाई का जरिया बन गया है। ऐसे में कौन बोले। हालांकि ये
कर्मचारी ये सही है या गलत इस पर बात नहीं करना चाहते।
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उधर शहर के एसएसपी यशस्वी यादव का कहना है कि कुछ पार्कों में
लड़के-लड़कियों के आपत्तिजनक हालात में बैठने की शिकायत मिली है। यह गंभीर
मसला है। अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिलाओं के प्रति अपराधों की
रोकथाम के लिए पार्कों के गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कम उम्र की
लड़कियों को बरगलाना संगीन जुर्म है। इस पर रोक लगाई जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट राजशेखर का कहना है कि अश्लीलता किसी हालत में नहीं होनी चाहिए। अभिभावकों से समाज को अपेक्षा रहती है कि वे अपने बच्चों को इतना मैच्योर बनाएं कि वे अश्लीलता न फैलाएं। जहां तक पार्कों में फूहड़ता की बात है तो ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्कों में जाना चाहिए, इससे ऐसे लोगों को खुद स्थान नहीं मिलेगा। (फोटोः रिमांशु सिंह)