लखनऊ में एक रिजर्व पुलिस लाइन में कंट्रोल रूम का छज्जा गिरने से सिपाही की मौत हो गई। तस्वीरों में देखिए...
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सिपाही के सिर पर गिरा कंट्रोल रूम का छज्जा, मौत
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रिजर्व पुलिस लाइन में जर्जर देहात कंट्रोल रूम को लेकर अफसरों की लापरवाही सिपाही (चालक) की जान पर भारी पड़ी। रविवार रात कंट्रोल रूम के ऊपर बने बैरक में रहने वाले कांस्टेबल अनिल कुमार अवस्थी (45) छज्जा गिरने से गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
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उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां से ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। पर, ट्रॉमा सेंटर पहुंचने तक उनकी मौत हो गई। सिपाही की मौत के बाद अफसर अपनी गर्दन बचाने में जुट गए।
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सीओ लाइन प्रताप गोपेंद्र यादव ने कहा कि बिल्डिंग को 10 साल पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है। बैरक में सिपाही अवैध रूप से रहते हैं। पर 88 साल पुराने उसी जर्जर भवन में कंट्रोल रूम कैसे चल रहा है, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है।
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हरदोई के तितरा गांव निवासी कांस्टेबल अनिल कुमार अवस्थी वीमेन पावर लाइन 1090 की गाड़ी चलाते थे। वे पुलिस लाइन स्थित देहात कंट्रोल रूम की पहली मंजिल पर बने बैरक में रहते थे।
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रविवार रात ड्यूटी खत्म होने के बाद वे पुलिस लाइन पहुंचे तो बैरक के पास फोन पर बात करने लगे। इसी दौरान जर्जर छज्जा भरभराकर ढह गया। पुलिस ने परिवारवालों को हादसे की जानकारी दी। कुछ ही देर में परिवारवाले ट्रॉमा पहुंचे और शव देखकर बिलखने लगे। अनिल के तीन बेटे प्रियांशु, दिव्यांश व हिमांशु हैं।
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देहात कंट्रोल रूम सीओ लाइन प्रताप गोपेंद्र यादव के दफ्तर के ठीक सामने है। वे कहते हैं कि इस भवन को दस साल पहले जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसको ध्वस्त कराने की परमिशन के लिए डीएम राजशेखर को पत्र भेजा गया है।
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वे यह भी कहते हैं कि जर्जर भवन की बैरक में दस चालक अवैध रूप से रहते हैं जिनमें अनिल अवस्थी भी शामिल था। सभी को कई बार हटने के निर्देश भी दिए गए थे।