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यूपी चुनाव से पहले सपा में आर-पार की लड़ाई, हो सकती है निर्णायक जंग

Tue, 27 Dec 2016 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव ‌व शिवपाल यादव - फोटो : amar ujala
चुनाव से ऐन पहले समाजवादी पार्टी में लड़ाई अब आर या पार की हो चली है। मुख्यमंत्री का चुनाव विधायक दल की बैठक में किए जाने संबंधी शिवपाल सिंह यादव के बयान और सीएम अखिलेश यादव द्वारा पार्टी मुखिया मुलायम सिंह को 360 उम्मीदवारों की सूची सौंपे जाने से पार्टी में घमासान बढ़ गया है। सपा सुप्रीमो ने टिकट वितरण पर सर्वमान्य फॉर्मूला न निकाला तो जंग निर्णायक दौर में पहुंच सकती है।
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टिकट वितरण में अनदेखी पर सार्वजनिक तौर पर पीड़ा जाहिर कर चुके मुख्यमंत्री अखिलेश की सलाह के बिना ही प्रत्याशियों की घोषणा का सिलसिला जारी है। सपा अब तक 175 प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। अखिलेश को इनमें से दो दर्जन नामों पर गंभीर आपत्ति है। उनके नजदीकी समझे जाने वाले एक दर्जन उम्मीदवारों के टिकट भी काटे जा चुके हैं। इस बीच, प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने कह दिया है कि 2017 में चुनाव जीतने पर मुख्यमंत्री का फैसला विधायक दल की बैठक में होगा।
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अभी तक वे अखिलेश को सीएम बनाए जाने और खुद इसका प्रस्ताव रखने की बात कह रहे थे। वे इसके लिए शपथपत्र तक देने को तैयार थे। इस बीच, संगठन के स्तर पर ऐसे जिलाध्यक्षों को हटाया जा रहा है जो अखिलेश के करीबी रहे हैं। अखिलेश समर्थकों को कहना है कि संगठन में मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं।

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ताजा मामला सीतापुर की बिसवां सीट के विधायक रामपाल यादव का निष्कासन वापस लिए जाने का है। लखनऊ और सीतापुर में अवैध निर्माण ढहाए जाने पर रामपाल ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, अखिलेश समर्थक चार एमएलसी समेत निष्कासित युवा नेताओं की पार्टी में अभी तक वापसी नहीं हुई है।
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अखिलेश की सूची पर शीर्ष नेताओं की चुप्पी
अखिलेश ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को रविवार को प्रत्याशियों की जो सूची सौंपी है, उस पर सपा के शीर्ष नेता चुप्पी साधे हुए हैं। मुलायम और शिवपाल के बीच सोमवार को इस मुद्दे पर लंबी बातचीत हुई, पर दोनों ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया।
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लिस्ट में बबीना से अखिलेश का भी नाम
अखिलेश बुंदलेखंड में झांसी जिले की बबीना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने सपा मुखिया को जो सूची सौंपी है, उसमें इस सीट से अपना नाम प्रस्तावित किया है। बबीना सपा की हारी हुई सीट है। पिछली बार इस सीट पर पूर्व मंत्री व राज्य सभा सदस्य चंद्रपाल सिंह यादव बसपा के कृष्‍णपाल सिंह राजपूत से हार गए थे। फिलहाल सपा ने इस सीट पर पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर यादव को उम्मीदवार बनाया है। 15 दिसंबर को हमीरपुर दौरे में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीएम से इस क्षेत्र में चुनाव लड़ने का आग्रह किया था।
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सपा में वार-पलटवार का दौर शुरू
शिवपाल पक्ष के वार
1- शिवपाल ने ट्वीट किया कि टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा। अब तक 175 लोगों को टिकट दिए जा चुके है।
2- मुख्यमंत्री का चुनाव विधायक दल करेगा। यह पार्टी संविधान में है।
3- मुलायम ने परिवहन मंत्री गायत्री प्रजापति को सपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया।
4- कारागार विभाग के सलाहकार अय्यूब अंसारी ने संजय लाठर पर साधा निशाना। कहा, झूठ बोलकर विधान परिषद में पहुंचे हैं, हैसियत क्या है?
5- सपा ने बिसवां (सीतापुर) के विधायक रामपाल यादव का निष्कासन समाप्त किया। पार्टी में वापसी।
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अखिलेश खेमे का पलटवार
1- सीएम अखिलेश ने 403 प्रत्याशियों की सूची मुलायम सिंह को सौंपी।
2- एमएलसी संजय लाठर ने कहा कि शिवपाल अपनी कसमों, वादों से पलट गए हैं। सपा के संविधान में मुख्यमंत्री के चुनाव को लेकर कुछ नहीं कहा गया है।
3- मुख्यमंत्री को सीएम का चेहरा बनाए जाने के पक्ष में सपा के कई नेता सामने आए। नीरज शेखर ने कहा कि अखिलेश ही इस पद के दावेदार।
4- गायत्री प्रजापति सपा मंत्रिमंडल से दो बार बर्खास्त हो चुके। उन पर खनन में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
5- लखनऊ व सीतापुर में अवैध निर्माण गिराए जाने पर रामपाल पर लगाए थे गंभीर आरोप। रामपाल ने कहा था- कार्रवाई बदले की भावना से की गई।
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