खराब सड़कों पर चलना और गड्ढे व गिट्टी झेलना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है, लेकिन जब लखनऊ के वीआईपी इलाकों में भी सड़कें लंबे समय से बदहाल पड़ी रहती हैं तो लोगों की उम्मीदों को झटका लगता है। कई लोगों का कहना है कि जब बड़े लोगों से भी जिम्मेदार लोग नहीं डरते तो आम जनता की क्यों सुनेंगे।
विज्ञापन
2 of 8
विपुल खंड में सड़क पर बड़े-बड़े गड्डे
- फोटो : अमर उजाला
विपुलखंड में सहारा शहर से सिटी मॉल जाने वाले रास्ते का बुरा हाल है। यहां से सिर्फ आम जनता ही नहीं बल्कि बड़े लोगों का भी निकलना होता है। इसके बावजूद विभागों में कोई डर नहीं है।
विज्ञापन
3 of 8
विरामखंड में जर्जर सड़क
- फोटो : अमर उजाला
वहीं विराम खंड जैसी पॉश कॉलोनी की सड़कों पर बजरी और मौरंग फैले होने के कारण वाहन निकालने में मुश्किल होती है।
4 of 8
विशाल खंड में सड़क पर पड़ी गिट्टी
- फोटो : अमर उजाला
विशाल खंड में भी सड़कों पर भी लोग मौरंग और गिट्टी से गाड़ी लेकर गिरते रहते हैं। लोगों की शिकायत है कि उन्होंने कई बार सभासद से कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
5 of 8
संतोष कुमार पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
ये पब्लिक है... सब जानती है
पार्षद से कहने पर भी सड़क नहीं बनी। लगता है दोबारा चुनाव होगा तभी सड़क बनेगी, क्योंकि जनता तभी तो दिखती है। अभी तो जनता उनके किसी काम की नहीं है। - संतोष कुमार पांडेय
विज्ञापन
6 of 8
अशोक कुमार पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
सड़क खराब है, ये परेशानी तो झेल लें, लेकिन बड़ी परेशानी सड़क पर फैली बजरी और मौरंग है। वाहन चलाते वक्त फिसलने का डर बना रहता है। हादसे होते रहते हैं। - अशोक कुमार पांडेय
विज्ञापन
7 of 8
रितेश कालरा
- फोटो : अमर उजाला
यहां वीआईपी इलाके में बड़े-बड़े लोग रहते हैं, जब उनका डर नहीं है तो आम जनता की क्या सुनेंगे। कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। अब उम्मीद नहीं है। - रितेश कालरा
स्कूटी चलाने में डर लगता है कि कहीं गिर न जाएं। रोज तो कार से चल नहीं सकते हैं। पति ने शिकायत की लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। अब तो आदत हो गई इस सड़क पर चलने की। - प्रियंका