कोरोना व कोरोना जैसे लक्षण वाली बीमारी से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत है। कई गांवों में अचानक कई लोगों ने दम तोड़ दिया। कई लोग खांसी, बुखार जैसे लक्षण वाली बीमारी की चपेट में आ गए। जांच में कुछ लोग कोरोना पॉजिटिव निकले तो कुछ की रिपोर्ट निगेटिव आई। यही नहीं कुछ जगह लोगों ने जांच ही नहीं कराई। स्वास्थ्य विभाग की टीमों के पहुंचने या लोगों से संपर्क करने की बात लोगों ने कही, लेकिन कुछ जगह लापरवाही के आरोप भी लग रहे हैं। अमर उजाला ने विभिन्न विकासखंडों के अलग-अलग गांवों की पड़ताल की। पता चला सभी जगह मौतें हुई हैं। कुछ जगह स्थिति अब संभली है, तो कुछ जगह लोगों में अभी दहशत के साथ मदद के इंतजाम दुरुस्त न होने से रोष है।
सरोजनीनगर के कुरौनी में दो सगे भाइयों की मौत के बाद से दहशत
सरोजनीनगर के कुरौनी गांव में खांसी, बुखार के लक्षण वाली बीमारी ने कई लोगों की जान ले ली है। यहां के दो सगे भाइयों विकास शुक्ला, संजीव शुक्ला के साथ ही बुधना, ऋषभ, मिठाई लाल, राम मिलन चौरसिया, राम आसरे, शंभू नाथ यादव की बीते दिनों मौत हो गई। गांव में दो दिन के अंदर सगे भाइयों की मौत से हड़कंप है। वहीं खांसी, बुखार से मनोज मौर्य, राजेंद्र मौर्य, अजीत मौर्या, अमरलाल, बोध राम लोधी सहित कई लोग पीड़ित चल रहे हैं। इसमें कुछ लोग जांच में कोरोना पॉजिटिव भी आए हैं, जिन्हें आशा बहु द्वारा दवा दी जा रही है। गांव के इंद्रेश ने बताया जब दोनों सगे भाइयों की मौत हुई थी, तब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव आकर कुछ लोगों के सैंपल लिए थे, उसके बाद से कोई नहीं आया। ग्राम प्रधान संतोष कुमार यादव ने बताया कि न स्वास्थ्य विभाग से कोई आया और न सैनिटाइजेशन के लिए। बीडीओ निशांत राय को कई बार फोन करने पर भी गांव सैनिटाइजेशन नहीं हुआ। वहीं सीएचसी प्रभारी अंशुमान सिंह ने बताया कुरौनी गांव में कुछ लोग बीमार हैं, इसकी जानकारी है। प्रभारी ने कहा कि जल्द गांव में कैंप लगाकर जांच की जाएगी।