आखिरकार लखनऊ का ‘कनॉट प्लेस’ शान-ए-अवध बृहस्पतिवार को बिक गया। इसे मुंबई की कंपनी ने कितने रुपये में खरीदा, यह जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें ।
इसे मुंबई की एक कंपनी ने 428.17 करोड़ में खरीदा। अब सारे अधूरे काम इसे खरीदने वाली कंपनी ही कराएगी। बृहस्पतिवार को एलडीए ने ई-ऑक्शन के जरिए इसकी बोली लगाई। इसमें दो निजी कंपनियों ने निविदा डाली।
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शान-ए-अवध
- फोटो : amar ujala
इनमें एक कोलकाता की पेय पदार्थ समेत कई दूसरे कारोबार के स्वामित्व वाली कंपनी ने 427. 97 करोड़ रुपये की निविदा डाली। वहीं मुंबई की शॉपिंग मॉल संचालक कंपनी ने 428.17 करोड़ रुपये की निविदा डाल शान-ए-अवध को खरीद लिया। इसी कंपनी का लखनऊ में कानपुर रोड पर भी एक शॉपिंग मॉल है। एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह का दावा है कि यह अब तक की सबसे बड़ी बिक्री है।
दावा : एलडीए को फायदा
फ्रीहोल्ड से मिलेंगे 30 करोड़ रुपये
एलडीए वीसी का कहना है कि 428.17 करोड़ रुपये के अलावा 12 प्रतिशत फ्रीहोल्ड शुल्क भी उपयोग हुई जमीन के लिए मिलेगा। जमीन की कीमत करीब 226 करोड़ रुपये है। ऐसे में करीब 30 करोड़ रुपये एलडीए के खाते में आयेंगे। इसके अलावा 12 प्रतिशत जीएसटी और सात प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क के रूप में करीब 80 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में भी जमा होंगे।
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सिजी सिटी में अधूरा पड़ा काम
- फोटो : amar ujala
मॉल ही बनाएगी कंपनी
यहां एलडीए कुल चार मंजिला निर्माण में से अब तक बेसमेंट, भूतल, प्रथम तल का निर्माण हो चुका है। वहीं द्वितीय और तृतीय तल का निर्माण पूरा होना बाकी है। कुल निर्माण लागत शान ए अवध की 478.95 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। ठेके दार कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कंपनी ने एलडीए अधिकारियों को बताया है कि उनकी यहां शॉपिंग मॉल संचालित करने की योजना है।
फ्लैश बैक : इसलिए कहा गया कनॉट प्लेस
2016 के अंत में पूर्व अखिलेश सरक ार ने इसका निर्माण शुरू कराया था। इसकी अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये थी। दिल्ली के एक प्रमुख आर्किटेक्ट ने इसका डिजाइन कनॉट प्लेस के जैसा तैयार किया है। दो मंजिला ऊंचे पिलर्स के सहारे चौड़े गलियारे और बड़े शोरूम इसकी पहचान थे। इसी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के पास एक ऑफिस कॉम्प्लेक्स भी बनना प्रस्तावित था। इसमें प्रदेश सरकार के कार्यालयों को शिफ्ट किए जाने की योजना थी। बजट न होने के चलते तीन महीने पहले काम बंद कर दिया गया।
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शान-ए-अवध
- फोटो : amar ujala
शान ए अवध: फैक्ट फाइल
- 13.50 एकड़ में बन रहा कांप्लेक्स
- 960 कारों की बेसमेंट पार्किंग
- 440 दो पहिया वाहनों की पार्किंग
- 4 मंजिला निर्माण
- 40 प्रतिशत निर्माण अब तक हो चुका
- 1350 दर्शकों की क्षमता का मल्टीप्लेक्स एरिया
- 79053 वर्गमी. कुल पार्किंग व शॉपिंग एरिया
परियोजना पर एलडीए ने निर्माण तो शुरू कराया लेकिन यहां विकसित होने वाली संपत्तियों को बेचने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। प्रोजेक्ट को लॉन्च कर बुकिंग शुरू करने तक में अधिकारी विफल रहे। दरअसल इस प्रोजेक्ट पर ध्यान ही नहीं दिया गया।
अब आगे क्या
मिली रकम का यहां होगा इस्तेमाल
- एयरपोर्ट की जमीन खरीदने
- बसंतकुंज योजना पर खर्च, विकास कार्य और मुआवजा
- प्रदेश सरकार का 109 करोड़ रुपये और सीजी सिटी का 200 करोड़ रुपये का कर्ज
- नई आवासीय कॉलोनियों की योजना पर खर्च
एलडीए एक शॉपिंग मॉल का संचालन नहीं कर सकता है। वहीं इस परियोजना पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए एलडीए के पास बजट नहीं है। निजी कंपनी इसे बेहतर तरीके से चला सकेगी। - प्रभु एन सिंह, वीसी, एलडीए