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... तो इस तरह हैदराबाद की कंपनी की मदद से बढ़ेगी एयरपोर्ट की कमाई

Sun, 10 Jun 2018 01:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
अमौसी एयरपोर्ट पर विमानों की पार्किंग के लिए नए हैंगर (एप्रेन) बनने शुरू हो गए हैं। हैदराबाद की कंपनी टीम यूनिवर्सल ने एटीसी बिल्डिंग के पास आठ नए हैंगर बनाएगी। 
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- फोटो : डेमो
इससेे एयरपोर्ट पर 22 विमानों की पार्किंग हो जाएगी। इससे इमरजेंसी लैंडिंग की स्थिति में विमानों को जयपुर व दिल्ली की ओर डायवर्ट नहीं करना पड़ेगा। अमौसी एयरपोर्ट के ओएसडी संजय नारायण ने बताया कि प्रोजेक्ट की लागत करीब 70 करोड़ रुपये है।
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- फोटो : डेमो
एप्रेन बन जाने के बाद एयरपोर्ट पर 22 विमानों की पार्किंग क्षमता हो जाएगी। उत्तर भारत में घना कोहरा या धुंध होने पर दिल्ली जाने वाली फ्लाइटों और इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमानों को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (अमौसी एयरपोर्ट) पर डायवर्ट कर दिया जाता है।

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- फोटो : डेमो
कभी-कभार ऐसी स्थिति आ जाती थी कि लखनऊ में होने वाली लैंडिंग को पार्किंग स्टैंड में जगह नहीं मिलती और विमानों को जयपुर व दिल्ली की ओर डायवर्ट कर दिया जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। अमौसी एयरपोर्ट पर विमानों की पार्किंग बढ़ाने की योजना को अमलीजामा पहनाया जाने लगा है। गत वर्ष 22 सितम्बर को एयरपोर्ट पर एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई थी।
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डेमो - फोटो : डेमो
जिसमें विमानों के लिए आठ नए हैंगर बनाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद एयरपोर्ट प्रशासन ने टेंडर निकाला, जिसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मौजूदा समय में एयरपोर्ट पर 14 विमानों की पार्किंग स्टैंड हैं। आठ नए हैंगर बन जाने से क्षमता बढ़कर 22 हो जाएगी।
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- फोटो : डेमो
कैट 3बी की भी जरूरत है नई पार्किंग
अमौसी एयरपोर्ट पर कैट 3बी इंस्ट्रूमेंटल लाइटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया गया है, जिससे घने कोहरे में 50 मीटर की विजिबिलिटी में भी विमानों को आसानी से उतारा जा सकता है। इस सिस्टम के लग जाने के बाद नए हैंगरों को बढ़ाने का दबाव काफी बढ़ गया था।
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Money Laundering
बढ़ेगी एयरपोर्ट की कमाई
विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग से एयरपोर्ट प्रशासन को भी इससे मुनाफा होता है। विमान के एयरपोर्ट पर पार्किंग करने के एवज में प्रशासन को हजारों रुपये की कमाई होती है। 
 
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