लखनऊ महोत्सव की कॉमेडी नाइट रविवार को राजू के ठहाकों से गूंज उठी। सर्द हवा के झोंकों के बीच उनकी हास्य और व्यंग्य ने लोगों की ठंड गायब सी हो गई। नरेंद्र मोदी से लेकर मुलायम, शिवपाल, अखिलेश, मायावती, रीता बहुगुणा, राजबब्बर, नोटबंदी, मेट्रो सभी उनके तीर के निशाने पर आए।
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राजू श्रीवास्तव
- फोटो : amar ujala
उन्होंने फिल्मी कलाकारों की नकल की और गीत भी सुनाए। संडे के चलते महोत्सव में काफी भीड़ थी और बड़ी संख्या में लोग सांस्कृतिक पंडाल में राजू श्रीवास्तव को सुनने के लिए जुटे थे।
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राजू श्रीवास्तव
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राजू ने शुरुआत इस बात से की कि आज राष्ट्रीय सलवार दिवस है क्योंकि इसी दिन रामदेव सलवार पहनकर भागे थे। पंडाल में ठहाका गूंज उठा तो श्रीवास्तव ने कहा कि जो हंसे उसका घर बसे और जिसका घर बसे फिर पूछो कि क्या वह हंसे?
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राजू श्रीवास्तव
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राजू श्रीवास्तव ने दर्शकों पर टिप्पणी भी खूब की। उन्होंने कहा कि ये भाभी जी इतना हंस रही हैं शायद इनके सारे नोट बदल गए हैं और ये जो नहीं हंस रही हैं वे लगता है ब्यूटी पार्लर से सीधे यहां चली आई हैं।
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राजू श्रीवास्तव
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फिर उन्होंने एक अधिकारी पर टिप्पणी की, सबको प्रमोशन की पड़ी है। सभी महोत्सव पर खेल कर रहे हैं।राजू श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ में मैं खुद बहुत एंजॉय करता हूं। यहीं पला-बढ़ा हूं। यहीं की बातें दुनिया भर में सुनाकर लोगों को हंसाता रहता हूं।
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राजू श्रीवास्तव
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उन्होंने अपनी बातों में लखनऊ के मोहल्लों का खूब जिक्र किया। कभी नखास का तो कभी आलमबाग या चारबाग का। ठंड का जिक्र करते हुए कहा कि ठँड पर मैंने अध्ययन किया है। इसमें कभी आपको गर्मी नहीं लगेगी।
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उन्होंने कहा कि मेरे कई विज्ञापन आते हैं लेकिन सच बात है कि मैंने इनका कभी इस्तेमाल नहीं किया है। श्रीवास्तव ने कहा कि आज स्थिति यह है कि मोदी जी जैसे ही टीवी पर दिखे और उन्होंने कहां मित्रों, लोग कहते हैं अब क्या कहेंगे , अब ये तो नहीं कहेंगे कि आपका सोना सबेरे एल्युमीनियम हो जाएगा। संध्या में राजीव ठाकुर ने भी हास्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया। शिवम ने गीत सुनाए। उन्होंने पिया रे पिया रे..गीत सुनाया।
हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव ने पाकिस्तानी कलाकारों के देश में कार्यक्रम पर प्रतिबंध की वकालत की है। बातचीत में उन्होंने कहा कि कलाकार भी दूसरे लोगों की तरह ही हैं, अगर ऐसा नहीं होता तो कोई फिल्म कलाकार जेल में लंबे समय तक नहीं रहा होता और कोई दूसरा न्यायालय के चक्कर नहीं लगा रहा होता। उन्होंने कहा कि कलाकार कोई भगवान नहीं होते। श्रीवास्तव ने कहा कि मेरे पाकिस्तान में लगातार तीन कार्यक्रम लगे थे लेकिन पठानकोट हमले के बाद में इन्हें रद्द कर दिया।