मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पुलिस स्मृति दिवस पर उन पुलिसकर्मियों के परिवारीजनों का सम्मान करेंगे जो इस साल ड्यूटी के दौरान अदम्य साहस दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। 21 अक्तूबर को लखनऊ की पुलिस लाइन में होने वाले स्मृति दिवस समारोह में मथुरा के जवाहरबाग कांड में शहीद हुए एएसपी मुकुल द्विवेदी व एसओ संतोष कुमार यादव सहित फैजाबाद, बदायूं व नोएडा की घटनाओं में शहीद सात पुलिस कर्मियों के परिवारीजनों का सम्मान होगा। डीजीपी जावीद अहमद सहित सभी वरिष्ठ पुलिस अफसर इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
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मुकुल द्विवेदी और संतोष कुमार यादव
- फोटो : amar ujala
मुकुल द्विवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, जिला मथुरा
संतोष कुमार यादव, सब इंस्पेक्टर जिला मथुरा
दो जून 2016 को हुआ जवाहरबाग कांड काफी चर्चित रहा। रामवृक्ष यादव ने अपनी मांगों को लेकर जवाहरबाग में कब्जा कर लिया था। 288 एकड़ जमीन पर झोपड़ी व टेंट लगाकर लोग रहने लगे। उद्यान विभाग के कार्यालय, आवासीय भवनों पर भी रामवृक्ष के समर्थकों ने कब्जा कर लिया था। इस जगह को खाली कराने के लिए शाम करीब पांच बजे एएसपी मुकुल द्विवेदी एवं थानाध्यक्ष संतोष यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे। उपद्रवियों ने महिलाओं को लाठी-डंडे के साथ आगे कर दिया। पुरुषों ने असलहे लेकर पीछे से मोर्चा लिया। पुलिस 20-25 मीटर अंदर घुसकर भीड़ को समझाने का प्रयास कर रही थी। इसी बीच रामवृक्ष और उसके साथियों ने पुलिस बल पर हमला बोल दिया। हमले में मुकुल व संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इनकी मृत्यु हो गई।
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सत्य प्रकाश सरोज
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सत्य प्रकाश सरोज, कांस्टेबल, जिला फैजाबाद
फैजाबाद के थाना इनायतनगर में तैनात कांस्टेबल सत्य प्रकाश सरोज को 22 जून 2016 को मलेथू बुजुर्ग के घने जंगलों में पशु तस्करी की सूचना मिली। इस पर वे सीधे जंगल में पहुंच गए। पशु तस्करों की संख्या 10 से अधिक थी। इसके बावजूद उन्होंने तस्करों को ललकारा। पशु तस्करों ने पुलिस पर हमला कर दिया। कांस्टेबल सत्यप्रकाश ने जान की परवाह किए बगैर तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया। मुठभेड़ में बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। वह लहूलुहान हो गए। बाद में उनके साथी उन्हें अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान सत्य प्रकाश 25 जून को चल बसे।
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अख्तर खान
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अख्तर खान, सब इंस्पेक्टर, जिला गौतमबुद्धनगर
25 अप्रैल 2016 को सब इंस्पेक्टर अख्तर खान को सूचना मिली कि कुछ वांटेड अपराधी मोहल्ला नई आबादी कस्बा व थाना दादरी में छिपे हैं। अख्तर खान ने वांटेड अभियुक्त जावेद पुत्र वारसी के मकान पर दबिश दी। मौके पर से फुरकान, गुलफाम उर्फ तोता, औरंगजेब व दो-तीन अन्य बदमाश मिले। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान सब इंस्पेक्टर अख्तर खान के गर्दन पर एक गोली लगी। अख्तर वहीं गिर पड़े। उन्हें राजकीय चिकित्सालय दादरी ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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भीमसेन और सहीम खां
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भीमसेन व सहीम खां, कांस्टेबल, जिला बदायूं
बदायूं के थाना बिल्सी में 17 फरवरी 2016 को कांस्टेबल भीमसेन व सहीम खां गश्त पर निकले थे। इस बीच ग्राम गढ़ौली के जगतपाल मौर्या द्वारा तेज आवाज में डीजे बजानेे की शिकायत मिली। उस समय यूपी बोर्ड की परीक्षाएं चल रही थीं। पुलिस कर्मियों ने डीजे बंद करने को कहा तो जगतपाल एवं उसके परिवारीजन भड़क गए। दोनों कांस्टेबल को अंदर खींच ले गए और डंडों, कुल्हाड़ी, फावड़ा व चाकू से हमला कर दिया। पूर्व प्रधान कृष्ण ने थानाध्यक्ष बिल्सी नरेन्द्र यादव को सूचना दी। थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तो जगतपाल की आंगन में दोनों कांस्टेबल घायल पड़े थे। उन्हें तत्काल राममूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज बरेली पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई।
सर्वेश कुमार यादव, सब इंस्पेक्टर, जिला बदायूं
22 जून 2016 को बदायूं के थाना बिनावर में तैनात सब इंस्पेक्टर सर्वेश कुमार यादव को सूचना मिली कि तीन बदमाश घट बेहटी के जंगल में हैं। ग्राम ढकिया जाने वाली सड़क के तिराहे पर सब इंस्पेक्टर सर्वेश यादव हमराही सिपाही प्रमोद कुमार के साथ बदमाशों का इंतजार करने लगे। कुछ देर बाद एक मोटरसाइकिल पर तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखे। उन्होंने रोकना चाहा तो बदमाशों ने मोटरसाइकिल भगा दी। सर्वेश ने मोटरसाइकिल चला रहे बदमाश का हाथ पकड़ा तो दूसरे बदमाशों ने उन पर फायर झोंक दिया। एक गोली सर्वेश के पेट में लगी। बदमाश उनकी सरकारी पिस्तौल छीनकर भाग गए। सर्वेश को सिद्धि विनायक अस्पताल, बरेली ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।