डीआरएम दफ्तर का घेराव
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पीड़िता के मुताबिक, उसे मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली है। छुट्टी के बावजूद कई बार ड्यूटी पर आना पड़ता है। कार्मिक विभाग में तैनात लिपिक नरेंद्र ने रविवार दोपहर उसे काम के बहाने कार्यालय बुलाया। दोपहर करीब दो बजे काम के दौरान लिपिक छेड़छाड़ करने लगा। विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। चीखने की कोशिश की तो मुंह पकड़कर दुराचार की कोशिश की। यही नहीं, उसने घर जाने के लिए कैब बुक कराई थी, लेकिन आरोपी ने उसे काम में ही फंसाए रखा और बुकिंग भी निरस्त करवा दी। जैसे-तैसे वह चंगुल से निकलकर घर पहुंची और मां को आपबीती सुनाई।