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इतने क्रूर कैसे हुए 'भगवान'? आपकी जिद ने ले ली एक मासूम की जान

Fri, 08 Jun 2018 09:41 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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केजीएमयू
किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यलाय में गुरुवार को हुई कर्मचारियों की हड़ताल ने एक बच्ची समेत तीन लोगों की जान ले ली। करीब 50 से ज्यादा मरीज तड़पते रहे। जांच व अन्य सुविधाएं नहीं मिलने की वजह से तीमारदार मरीजों कों निजी अस्पताल ले गए।
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केजीएमयू
कर्मचारी ट्रामा सेंटर में धरने पर बैठे रहे तो मेडिकल छात्र सेल्वी हाल में। दोनों केबीच नारेबाजी होती रही। विश्वविद्यालय प्रशासन दिनभर वार्ता का प्रयास करता रहा, लेकिन कर्मचारियों ने एक न सुनीं।
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केजीएमयू
शाम को ट्रामा सेंटर से कर्मचारी वीसी कार्यालय पहुंचे। यहां कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों के साथ कुलपति प्रोफेसर मदनलाल भट्ट ने वार्ता की। सुबह 10.30 बजे से शुरू हुआ बवाल शाम करीब साढ़े छह बजे समाप्त हुआ।

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केजीएमयू
विश्वविद्यालय में मंगलवार से शुरू हुआ कर्मचारियों और मेडिकल छात्रों के बीच विवाद गुरुवार को तूल पकड़ गया। आरोपी छात्र के खिलाफ कार्रवाई न होने से गुस्साए कर्मचारी सुबह करीब 10.30 बजे कुलपति से मिलने प्रशासनिक भवन पहुंचे।
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केजीएमयू
यहां कर्मचारियों और छात्रों के बीच झड़प हो गई। दोनों ने एक-दूसरे पर गाली गलौच करने और मारपीट करने का आरोप लगाया। छात्र क्लास छोड़कर सेल्वी हाल में पहुंच गए। उनके समर्थन में  रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन भी उतर गया। हालांकि सभी रेजीडेंट काम करते रहे। छात्रों ने कर्मचारियों पर पथराव करने का आरोप लगाया है।
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केजीएमयू
झड़प के दौरान कर्मचारी परिषद के महामंत्री का प्रदीप गंगवार का हाथ लहूलुहान हो गया तो अध्यक्ष विकास सिंह का ब्लड प्रेशर बढ़ने की वजह से गांधी वार्ड में भर्ती कराना पड़ा। इससे कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ गया। वे सीएमएस कार्यालय का सैंपल कलेक्शन सेंटर बंद करा दिए।
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केजीएमयू
नारेबाजी करते हुए अन्य विभागों में भी काम ठप करा दिय। इसके बाद ट्रामा सेंटर में धरने पर बैठ गए। विश्वविद्यलाय प्रशासन ने कर्मचारियों को मनाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। विवाद बढ़ता देख स्थानीय पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), रैपिड रिस्पॉंन्स फोर्स (आरआरएफ) की कई कंपनियां बुला ली गईं।

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kgmu - फोटो : amar ujala
ट्रामा सेंटर में काम बंद होने से मरीजों की जान पर बन गई। सर्वर ठप होने से कैश काउंटर, एक्सरे, सीटी स्कैन सहित अन्य सभी काम बंद हो गए। फोर्स बाहर से आने वाले मरीजों को आकस्मिक कक्ष तक पहुंचाती रही, लेकिन जांच नहीं हो पाने की वजह से मरीजों को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा।

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kgmu - फोटो : amar ujala
इस बीच अयोध्या से आई दिमागी बुखार से पीड़ित लविका, आलमबाग से आई जैनुआब्दीन और लखीमपुर से आए दुर्घटना में घायल हरीलाल की मौत हो गई। हालांकि ट्रामा सेंटर प्रभारी मौत होने से इनकार कर रहे हैं।
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kgmu - फोटो : amar ujala
जांच सुविधाएं बंद होने की वजह से  50 से ज्यादा मरीज लौट गए। पूरे परिसर में अफरा-  तफरी मची गई। शाम करीब चार बजे कर्मचारियों को कुलपति कार्यालय बुलाया गया। यहां कुलपति के साथ कर्मचारियों की वार्ता हुई। इसकेबाद हड़ताल खत्म हो गई।
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