अब टूरिस्ट छोटा इमामबाड़ा भी घूम सकेंगे। लंबे समय से छोटे इमामबाड़े पर चल रहा महिलाओं का प्रदर्शन शुक्रवार को रात मौलाना कल्बे जव्वाद को जिला प्रशासन से मिले आश्वासन के बाद खत्म हो गया। मौलाना का कहना है कि जिला प्रशासन ने हुसैनाबाद से संबंधित मामलों पर अपनी सहमती जता दी है। वक्फ बोर्ड की जांच के मामले में प्रशासन ने सरकार को लिखा है। मौलाना ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन अपने वादे से नहीं मुकरेगा।
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जीत गए 'जिद्दी' जव्वाद, खुल गया छोटा इमामबाड़ा
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शुक्रवार को देर रात छोटा इमामबाड़े हुसैनाबाद में एक माह से अधिक समय से शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को लेकर चल रहे महिलाओं के प्रदर्शन को मौलाना कल्बे जव्वाद ने समाप्त कराते हुए कहा कि प्रशासन ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया है। इसमें धार्मिक स्थल मानते हुए छोटे इमामबाड़े व बड़े इमामबाड़े में जाने का ड्रेस कोड तय किया जाना शामिल है। हुसैनाबाद रोड पर धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पोस्टर बैनर लगाने की शर्त को भी स्वीकार कर लिया है। पहले इसे प्रतिबंधित किया हुआ था।
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अब प्रशासन शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की जांच व पद से हटाने की मांग को लेकर भी संजीदा है। इस दौरान मौलाना कल्बे जव्वाद ने डीएम राजशेखर द्वारा शिया वक्फ बोर्ड के खिलाफ जांच को लेकर सरकार को लिखे पत्र को महिलाओं को दिया और उन पर फैसला छोड़ दिया। माहिलाओं ने बाद में मौलाना के कहने के मुताबिक अपनी सवा महीने से चल रही भूख हड़ताल व प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
जीत गए 'जिद्दी' जव्वाद, खुल गया छोटा इमामबाड़ा
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ईद के 10वें दिन तक की मोहलत मौलाना कल्बे जव्वाद व प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग के मुताबिक किए वादे पूरे नहीं किए तो ईद की 10 तारीख को हजरतगंज स्थित शाही मस्जिद पर शिया व सुन्नी एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे। वहीं अगर प्रदर्शन के दौरान हुई एफआईआर पर कार्रवाई हुई तो इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा।
बनाए रखी जाएगी पवित्रता व शुचिता बड़ा व छोटा इमामबाड़ा शिया समुदाय की धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ ही अपनी भवन शिल्प निर्माण कला के कारण ऐतिहासिक व दर्शनीय पर्यटन स्थल के बतौर अपनी अलग पहचान भी रखता है। ऐसे में प्रशासन हर संभव स्तर पर इस बात का पूरा ध्यान रखेगा कि इमामबाड़ा घूमने के लिए आने वाले पयर्टकों के स्तर से कोई भी ऐसी गतिविधि न होने पाए जिससे इमामबाड़े की पवित्रता व शुचिता पर असर पड़े। फिलहाल इमामबाड़े में सिर ढक कर आने वालों को ही प्रवेश की अनुमति जैसे मसले पर प्रशासन की कोई बातचीत किसी से भी नहीं हुई है।