दरअसल, शुक्रवार को मुख्यमंत्री का जन्मदिन है। गढ़वाल के यमकेश्वर के पंचुर गांव में 5 जून 1972 को जन्मे योगी अपना जन्मदिन नहीं मनाते। लेकिन, कोरोना की चुनौतियों से निपटने के लिए वे जिस तरह काम कर रहे हैं, उसको देखते यह जन्मदिन मौजूदा परिस्थितियों में कुछ कड़े व बड़े संकल्प लेने का संदेश लेकर आता दिख रहा है।
अब तक अपने कामों से उन्होंने यह साबित कर दिया कि नीयत और नीति साफ हो तो जिम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक निभाने में कोई बाधा नहीं आ सकती। बड़ी से बड़ी चुनौती अवसर में बदल जाती है। पर, कोरोना के कारण देश के सबसे बड़े इस प्रदेश के सामने निकट भविष्य में जो चुनौतियां दस्तक देती दिख रही हैं वे भी मुख्यमंत्री के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं लगती।