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Video: इस वीडियो से पकड़ा गया लखनऊ पुलिस का सफेद झूठ, देखें विवेक तिवारी की गाड़ी का सच

Mon, 01 Oct 2018 02:40 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, लखनऊ
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विवेक तिवारी - फोटो : amar ujala
विवेक तिवारी हत्याकांड की जांच में लगी टीम को काफी अहम सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। गोमतीनगर इलाके में जहां ये घटना हुई थी, वहां पास की एक बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी कैमरे में उस रात के कुछ दृश्य कैद हो गए। जब इस कैमरे की जांच की गई तो आरोपी दोनों सिपाहियों का सफेद झूठ सामने आ गया। 


 
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cctv footage - फोटो : amar ujala
आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी ने बताया था कि सीएमएस स्कूल के पास गाड़ी खड़ी थी, तब उसने और संदीप ने मामला संदिग्ध समझकर विवेक और उनकी सहकर्मी सना से पूछताछ करनी चाही थी।आरोप है कि इसी बात पर विवेक ने सिपाहियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। लेकिन, अब आरोपियों का ये झूठ पकड़ा गया है। सीसीटीवी फुटेज में 1:19 बजे विवेक की एसयूवी सड़क पर जाती हुई दिख रही है। 

 
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विवेक तिवारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala
इतना ही नहीं, प्रशांत चौधरी ने विवेक तिवारी के चरित्र का हनन तक कर डाला था। उसने कहा कि गाड़ी में कोई दिख नहीं रहा था। पास जाने पर विवेक और उसकी सहकर्मी आपत्तिजनक हालत में मिले थे। सिपाही ने आरोप लगाया कि विरोध पर विवेक ने तीन बार बैक करके उस पर गाड़ी चढ़ाई और तब आत्मरक्षा में उसने फायरिंग कर दी। 

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आरोपी पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी व उसकी पत्नी
हत्या आरोपी सिपाही की इस मनगढ़ंत कहानी पर आला अधिकारी भी अपनी मुहर लगाते रहे। उस पर कार्रवाई करने के बजाय स्क्रिप्ट को और दुरुस्त करने में लगे रहे। आखिरकार लोगों के आक्रोश के बाद सरकार सख्त हुई तो आला अफसरों को मजबूरी में आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी और बाद में बर्खास्त भी करना पड़ा। 
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प्रशांत चौधरी
प्रशांत के बारे में पहले भी ऐसी खबर सामने आई थी कि वह और उसका साथी संदीप हर रात करीब 11 से 12 के बीच हाथ में टॉर्च लेकर निकलते थे और जो भी मिलता था उससे वसूली किया करते थे। अगर कोई लड़का-लड़की साथ जाते हुए मिल जाए तो उनको ये जरूर रोका करते थे। इसके बाद ये उन्हें धमकाते और वसूली करके के छोड़ दिया करते थे। उस रात भी ये दोनों वसूली के इरादे के साथ विवेक तिवारी और उसकी सहकर्मी को रोकने की कोशिश की थी। 

 
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