रेलवे प्रशासन ने शताब्दी, दूरंतो व राजधानी एक्सप्रेस में कैटरिंग का जो नया शुल्क लागू किया है वह तय की गई नई दरों से कहीं ज्यादा है। शताब्दी में एग्जीक्यूटिव क्लास का नया कैटरिंग शुल्क 245 रुपये होना था, लेकिन 385 रुपये लागू किया है। रेलवे की इस लूट से यात्री परेशान हैं। उनका कहना है कि इसकी रेलमंत्री से शिकायत की जाएगी।
कोविड काल के बाद रेलवे ने हाल ही में शताब्दी, राजधानी व दूरंतो में कैटरिंग की सुविधा शुरू की है। इसका बढे़ शुल्क से यात्रियों के पसीने छूट रहे हैं। लखनऊ से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस के यात्री सबसे ज्यादा परेशान हैं। बता दें कि नवंबर 2019 में आईआरसीटीसी ने शताब्दी एक्सप्रेस में कैटरिंग के नए रेट का खाका तैयार किया। यह वृद्धि करीब डेढ़ दशक बाद की जा रही थी। इसमें चाय की दर से लेकर लंच-डिनर तक के दामों में वृद्धि की।
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- फोटो : amar ujala
पहले शताब्दी की चेयरकार में कैटरिंग 165 रुपये की थी। इसे बढ़ाकर 185 रुपये तथा एग्जीक्यूटिव क्लास में 185 से बढ़ाकर 245 रुपये करना था। इन नई दरों को अप्रैल, 2020 से लागू करना था, लेकिन कोरोना के चलते ट्रेनों का संचालन बंद हो गया था। कोरोना के बाद ट्रेनें शुरू हुईं तो हाल ही में कैटरिंग भी शुरू की गई, लेकिन इसकी दरें नए सिरे से तय शुल्क से भी ज्यादा कर दी गई हैं।
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हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
695 के टिकट पर 275 का खाना
दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने कहा कि यह खुली लूट है। इसका विरोध रेलमंत्री से करेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार को शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार का बेस फेयर 695 रुपये है, इस पर 275 रुपये कैटरिंग चार्ज है, जोकि बेस फेयर का 40 प्रतिशत है।
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- फोटो : social media
इसके अलावा डायनमिक चार्ज, सुपरफास्ट चार्ज, रिजर्वेशन चार्ज, जीएसटी आदि मिलाकर टिकट 1,390 रुपये का पड़ रहा है। ऐसे ही एग्जीक्यूटिव क्लास का बेस फेयर 1550 रुपये तथा कैटरिंग 385 रुपये सहित टिकट 2155 रुपये का हो गया है।