बर्रा आठ रामगोपाल चौराहे पर खुले मैनहोल में गिरकर छात्र मनीष उर्फ आकाश (13) की मौत हो गई। छात्र साथियों के साथ ग्रीन बेल्ट पर क्रिकेट खेल रहा था। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए और नगर निगम व फायरब्रिगेड को सूचना दी।
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प्रिंस जैसा खुशकिस्मत नहीं था बच्चा, होल में गिरा तो लाश ही मिली
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करीब एक घंटे बाद नगर निगम कर्मचारी ने मनीष को बाहर निकाला। उसका शरीर ठंडा पड़ चुका था। तसल्ली नहीं होने पर परिजन बर्रा पुलिस की सहायता से उसे प्रिया अस्पताल ले गए डॉक्टरों के जवाब देने पर हैलट पहुंचे।
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बुधवार शाम को वह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। मनीष बॉल पकड़ने के लिए दौड़ा और ग्रीन बेल्ट के भीतर ही एक खुले मैनहोल में जा गिरा। 28 फीट गहरे मैनहोल में सिर्फ मनीष की चप्पलें उतराती दिखाई दीं।
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क्रिकेट खेलने के दौरान मनीष नाले में गिरा तो उसे तत्काल कोई मदद नहीं मिल पाई। सूचना के आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड और नगर निगम कर्मचारी पहुंचे। निकालने का इंतजाम करते-करते एक घंटे से ऊपर बीत गया।
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साथी बच्चों ने बताया कि मनीष गेंद पकड़ने के लिए दौड़ा और एकदम से मैनहोल में समा गया। गिरते वक्त मनीष की बस एक चीख सुनाई दी इसके बाद उसकी दोबारा आवाज नहीं आई।
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हैलट में डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित किया तो परिजनों की आखिरी उम्मीद भी टूट गई। मां इंदुमती बेटे को सीने से लगाकर बिलखते हुए बोली डॉक्टर साहब एक बार और देख लो मेरे बेटे को। यह देखते ही लोगों की आंखें छलक आईं।
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इसके बाद बर्रा एसओ रामबाबू पटेल ने पोस्टमार्टम के लिए शव कब्जे में लेना चाहा तो परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। मां बोली नहीं कराना बेटे का पोस्टमार्टम, मेरे कलेजे के टुकडे़ को अब तो छोड़ दो।