यूपी के कानपुर शहर में रविवार देर रात एक फैक्ट्री में बड़ा धमाका हुआ। इस धमाके से पूरे फैक्ट्री तहस-नहस हो गई। इस हादसे में एक मौत भी हुई है।
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फैक्ट्री में हुआ भूकंप सा धमाका, एक मौत और पांच घायल
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कानपुर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में रविवार रात एक शू फैक्ट्री का बॉयलर तेज धमाके के साथ फटने से भयंकर आग लग गई और फैक्ट्री तहस-नहस हो गई। एक श्रमिक की मौके पर मौत हो गई और पांच घायल हो गए।
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फैक्ट्री में हुआ भूकंप सा धमाका, एक मौत और पांच घायल
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धमाका इतना तेज था कि आसपास की फैक्ट्रियों के टिन शेड भी उड़ गए। दीवारें और छतें दरक गईं। धमाके की गूंज दो किलोमीटर परिधि में गूंजी और सैकड़ों की भीड़ वहां पहुंच गई। फायर ब्रिगड के देर से पहुंचने पर गुस्साई भीड़ ने पथराव कर दिया।
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अजय अग्रवाल की इसी फैक्ट्री में 17 मार्च को भी ब्वॉयलर फटा था और कई लोग घायल हुए थे। रविवार को हादसे के बाद वहां लगे उपकरणो से आग बुझाने का लोगों ने प्रयास किया पर वे नहीं चले।
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फजलंगज फायर स्टेशन के फायर मैन राजपाल, नरेंद्र और विद्याधर ने झुलसे पड़े अमन, विनोद और जगत नारायण को फैक्ट्री से बाहर निकाला। एफएसओ की गाड़ी के ड्राइवर गोपी नारायण ने तीनों को हैलट पहुंचाया।
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पनकी इंड्रस्ट्रियल एरिया की स्टैंडर्ड निवाड़ फैक्ट्री का बॉयलर फटने का धमाका इतना तेज था कि लोगों ने समझा कि भूंकप आ गया। इंड्रस्ट्रियल एरिया और नौरैयाखेड़ा में घरों में सो रहे लोग परिवार के साथ सड़क पर आ गए।
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लोग एक-दूसरे से पूछने लगे कि भूकंप आया था क्या। फैक्ट्री में धमाके का पता चलने पर लोगों का काफिला हादसास्थल पर पहुंच गया। आसपास की फैक्ट्रियों के कर्मचारी भाग निकले। यही वजह रही कि मुरारी लाल अग्रवाल की फैक्ट्री का केमिकल और तेजाब सड़क पर बहता रहा और गैस का रिसाव भी चलता रहा।
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निवाड़ फैक्ट्री के पास स्थित मनोज अग्रवाल की प्लास्टिक बोरी फैक्ट्री का टिन शेड उड़ गया। बाउंड्री टूट गई। दीवारों में दरार आ गई।धमाका इतना तेज था कि पूरा नौरैयाखेड़ा हिल गया। कई घरों की खिड़की, दरवाजे के शीशे चटक गए। फोटोः ओपी वाधवानी, कानपुर।