शार्प शूटर राकेश उर्फ हनुमान पांडे के पिता बलदत्त पांडे ने एसटीएफ के एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए हैं। बलदेव के मुताबिक राकेश की मां बीमार है। उसका इलाज लखनऊ के पीजीआई में चल रहा था। दो दिन पहले उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। अपनी मां की देखरेख के लिए राकेश लखनऊ में रुका हुआ था। रविवार रात 3 बजे एसटीएफ की टीम पहुंची और उसे घर से लेकर चली गई।
विज्ञापन
2 of 6
मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि राकेश पर दर्ज सारे मुकदमे खत्म हो चुके हैं। वह कई वर्षों से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय नहीं था। उस पर कोई इनाम घोषित नहीं था। अचानक 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उसकी हत्या कर दी गई। एसटीएफ के पुलिसकर्मियों पर सवाल खड़े करते हुए बलदत्त ने कहा कि निजी दुश्मनी के तहत एनकाउंटर दिखाकर हत्या की गई है।
विज्ञापन
3 of 6
मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
राकेश अकेले था। उसके साथ कोई नहीं था। एसटीएफ की कहानी फर्जी है। बलदेव के मुताबिक शनिवार रात्रि 11 बजे राकेश से उनकी बात हुई थी। राकेश ने बताया कि पत्नी की तबीयत खराब है। दवा दिला दी है। कल वह डॉक्टर को दिखाने जाएगा। रविवार सुबह टीवी चैनल पर देखा कि उसके एनकाउंटर की खबर चल रही थी।
4 of 6
मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बेटे ने दी मुखाग्नि
करीब 4 बजे पोस्टमार्टम होने के बाद राकेश पांडेय का शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की निगरानी में शव का अंतिम संस्कार भैंसाकुंड पर किया गया। बेटे आकाश पांडे ने मुखाग्नि दी।
विज्ञापन
5 of 6
पेड़ से टकराई कार
- फोटो : अमर उजाला
गाड़ी पेड़ से टकराई, लेकिन डेंट तक नहीं आया
लखनऊ में जहां मुठभेड़ हुई, वहां मौके के हालात भी एसटीएफ की थ्योरी से मेल नहीं खा रहे। एसटीएफ का दावा है कि उसने इनोवा का पीछा किया। इनोवा पेड़ से टकराकर रुक गई और बदमाशों ने उतरकर एसटीएफ की टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जबकि जो इनोवा पेड़ से टकराई उसमें खास डेंट तक नहीं आया।
जिस इनोवा गाड़ी से बदमाश भाग रहे थे, उसकी नंबर प्लेट आगे और पीछे दोनों एक ही स्थान से टूटी मिली है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज जिस एफआईआर के आधार पर राकेश पर इनाम घोषित करने की बात की जा रही है, उसमें उसका नाम ही नहीं है।