आजम खां कई यात्राएं करते हैं। कुछ राजनीतिक तो कुछ व्यक्तिगत। ऐसी ही एक व्यक्तिगत यात्रा से बदनुमा याद लेकर यूपी लौटे हैं आजम।
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गुजरे आजम, तो गंगाजल से धुली गई सड़क
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दरअसल, आजम राजस्थान के किशनगढ़ मार्बल की खरीदारी करने गए थे। लेकिन, वहां शुरू हो गया उनका विरोध।
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आजम को उस वक्त फजीहत का सामना करना पड़ा, जब मार्बल एरिया में हिंदू संगठनों ने उन्हें काले झंडा दिखाए।
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हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ गोबैक, मुर्दाबाद और 'वीरों की धरती पर गद्दारों का क्या काम' के नारे लगाए, बल्कि मुजफ्फरनगर दंगों के लिए आजम को जिम्मेदार भी ठहराया।
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पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, तो उनकी पुलिस से झड़प भी होने लगी।
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किसी तरह आजम के काफिले ने वहां से निकलने की कोशिश की, तो वहां मौजूद लोगों ने काले झंडे दिखाकर फिर नारे लगाने शुरू कर दिए।
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पुलिस की तमाम काशिशों के बावजूद लोग आजम की गाड़ी के सामने आ गए और उन्हें भी काले झंडे दिखाने लगे।
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कुछ लोगों ने तो आजम की कार पर भी काले झंडे फेंक दिए।
गुजरे आजम, तो गंगाजल से धुली गई सड़क
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हद तो तब हो गई जब आजम के जाने के बाद सड़क पर गंगाजल डालकर सड़क की धुलाई की गई।
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आजम इससे पहले भी किशनगढ़ जाते रहे हैं। मंत्री बनने के बाद यह उनकी दूसरी यात्रा थी। हालांकि, दोनों बार उन्होंने मार्बल नहीं खरीदे।
सिर्फ आजम के साथ ही यह बदसुलूकी नहीं हुई है, अखिलेश यादव को भी राजस्थान में उस वक्त दिक्कत हो गई जब समता मंच
के सम्मेलन में उनकी कार पर कालिख फेंकी गई थी।