इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की ओर से धन्नीपुर गांव में सरकार से मिली 5 एकड़ भूमि पर मस्जिद निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। ट्रस्ट की ओर से इसका नक्शा पास कराने के लिए जिला पंचायत अयोध्या में आवेदन करने की तैयारी भी कर ली गई थी, लेकिन नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद धन्नीपुर गांव अब अयोध्या विकास प्राधिकरण के दायरे में आ गया है।
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मस्जिद
- फोटो : amar ujala
ऐसे में विकास प्राधिकरण से ही मस्जिद समेत पूरे परिसर में होने वाले अन्य निर्माण कार्यों का नक्शा पास कराना होगा। श्रीराम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद का निस्तारण करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के सीमा क्षेत्र में मस्जिद निर्माण के लिए सरकार को 5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
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बनने वाली मस्जिद का नया डिजाइन।
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इस क्रम में शासन से अनुमति लेकर जिला प्रशासन ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में रौनाही थाने के पास हाईवे से सटी कृषि विभाग के भूखंड में से 5 एकड़ भूमि इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के नाम ट्रांसफर कर दी थी। ट्रस्ट की ओर से एक भव्य मस्जिद के साथ एक हॉस्पिटल, एक लाइब्रेरी का निर्माण प्रस्तावित है। इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि नक्शा पास कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन।
- फोटो : amar ujala
नक्शा पास कराने का आवेदन जिला पंचायत के नियमों के अनुसार तैयार किया गया है। इसकी डिजाइन तैयार करने वाले मुख्य वास्तुकार प्रोफेसर एसएम अख्तर 24 जनवरी को लखनऊ आएंगे, इसी दिन एक टीम अयोध्या के धन्नीपुर जाकर स्वायल टेस्टिंग करेगी। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन ट्रस्ट के अध्यक्ष समेत सभी सदस्य धनीपुर जाएंगे और झंडारोहण कर पौधरोपण भी करेंगे।
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मस्जिद
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इसके बाद कुछ दिनों में जिला पंचायत फैजाबाद अयोध्या जाकर एक टीम नक्शा पास करने के लिए दस्तावेज दाखिल करेगी। यह पूछे जाने पर कि अब धन्नीपुर गांव अयोध्या विकास प्राधिकरण के दायरे में आ गया है ऐसे में जिला पंचायत कैसे नक्शा पास करेगा? अतहर ने कहा कि प्राधिकरण में ऑनलाइन आवेदन करते समय धन्नीपुर गांव अपने क्षेत्र में नहीं दिखा रहा है, इसलिए जिला पंचायत में आवेदन करेंगे, वहां से नक्शा रिजेक्ट हो जाएगा तब प्राधिकरण से बात की जाएगी।
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मस्जिद
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एडीए में प्रस्तुत करना होगा नक्शा
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि सोहावल तहसील का धन्नीपुर गांव, जहां शासन से मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि दी गई है, वह विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में है। ऐसे में नक्शा विकास प्राधिकरण में ही प्रस्तुत करना होगा और यहीं से स्वीकृति मिलेगी। इसके लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन को ठीक उसी तरह की प्रक्रिया का पालन करना होगा, जैसा राम मंदिर के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने किया था।
14 प्रकार की देनी होगी एनओसी
मस्जिद निर्माण के लिए 14 प्रकार की एनओसी के साथ सरकार का अनुमति पत्र भी देना होगा। प्राधिकरण की नियमावली के हिसाब से मंदिर का प्लान या लेआउट नक्शा, पर्यावरण, फायर, एएसआई, वन विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी, राजस्व, जिला पंचायत जैसे 14 विभागों की एनओसी और विकास शुल्क जमा करने के बाद 24 घंटे में विभागीय टीम से जांच करवाकर स्वीकृत किया जा सकता है।