इस बार दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए दोपहर से रात तक तीन उत्तम मुहूर्त मिल रहे हैं। प्रतिष्ठानों, घर और निशा पूजन के लिए अलग-अलग मुहूर्त हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक सबसे शुभ मुहूर्त शाम को स्थिर वृष लग्न में 5:16 बजे से 7:13 बजे के बीच मिलेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप शास्त्री ने बताया कि 14 नवंबर की दोपहर 1:49 बजे तक चतुर्दशी रहेगी। उसके बाद से अमावस्या लग जाएगी, जो अगले दिन सुबह 11:27 बजे तक रहेगी। दीपावली के दिन शनिवार को लक्ष्मी-गणेश और कुबेर पूजन के लिए शाम को स्थिर वृष लग्न में 5:16 बजे से रात 7:13 बजे तक दीपावली पूजा का सबसे शुभ उत्तम मुहूर्त रहेगा।
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इसी लग्न में घरों में गृहस्थ और प्रतिष्ठानों में व्यापारियों का पूजन करना उत्तम रहेगा। इसके अलावा दोपहर 12:37 बजे से दोपहर 2:09 बजे तक स्थिर कुंभ लग्न में भी पूजन किया जा सकेगा। इसके अलावा देर रात स्थिर सिंह लग्न में भी महानिशा पूजन मुहूर्त मिलेगा। देर रात 11:44 बजे से 1:58 बजे तक भी महालक्ष्मी का पूजन कर सकते हैं। शाम को गोधूलि बेला (सूर्यास्त से 24 मिनट पहले और बाद तक) में भी पूजन का शुभ मुहूर्त हैं।
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घर को सुगंध से भरें
आचार्य ने बताया कि दीपावली पर चंद्रमा-सूर्य योग के चलते महालक्ष्मी रात्रि विचरण करने पृथ्वी पर आती है। पूजन, आराधना वाले घर-घर में विचरण करती हैं। उन्हें जिस घर या प्रतिष्ठान में सफाई, स्वच्छता, दीपमाला, दीपमालिका और सुगंधियां (उत्तम महक) मिलती हैं, वे वहीं निवास कर लेती हैं। इसलिए इस दिन घर को रोशनी और सुगंधियों से पूर्ण करना चाहिए।