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आक्रोशित शिक्षामित्रों का यूपी भर में प्रदर्शन, 800 से ज्यादा गिरफ्तार, तस्वीरें

Thu, 07 Sep 2017 09:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी सरकार द्वारा प्रस्तावित मानदेय पर असहमत शिक्षामित्रों ने यूपी भर में प्रदर्शन किया। कई जगहों पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। बाराबंकी जिले में 869 शिक्षामित्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, फिर उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।  बाराबंकी में शिक्षामित्रों के पुराने मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर दस हजार रुपये किए जाने से आक्रोशित शिक्षामित्रों ने बहिष्कार के दूसरे दिन गन्ना कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने गन्ना कार्यालय के गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। प्रदर्शन कर रहे 869 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। बाद में निजी मुचलके पर किए गए रिहा कर दिए गए। शिक्षामित्रों के प्रदर्शन से दूसरे दिन शिक्षण कार्य बेपटरी रहा। शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को हाइवे जाम कर प्रदर्शन करने की चेतावनी प्रशासन को दी है।
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उत्तर-प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के बैनर तले गुरुवार को भारी संख्या में शिक्षामित्र गन्ना कार्यालय में एकत्र हुए। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा दस हजार रुपये मानदेय कतई नहीं चाहिए। सरकार ने हम लोगों की 17 साल की सेवा के बदले हमारा सामाजिक अपमान किया है। अगर हमें समान कार्य का समान वेतन नहीं मिलेगा शिक्षामित्र अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कहा कि स्नातक व बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षामित्रों का समायोजन सरकार द्वारा शीघ्र किया जाए। उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने हम लोगों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है उसी प्रकार सरकार भी सड़क पर आ जाएगी।
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शिक्षामित्रों को उग्र होते देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सबसे पहले फतेहपुर व सिरौलीगौसपुर के शिक्षामित्रों ने अपनी गिरफ्तारी देना शुरू किया। गन्ना कार्यालय में मेन रोड की ओर लगे गेट में ताला डाल दिया गया था। भारी संख्या में आए शिक्षामित्रों को बैंक के पास बने गेट से निकलने की बात पुलिस ने कही, तो आक्रोशित शिक्षामित्रों ने गेट का ताला तोड़ दिया। उसके बाद सभी ब्लॉकों के लगभग 869 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। पुलिस द्वारा दो निजी बसें व विभाग के वाहनों से शिक्षामित्रों को पुलिस लाइन पहुंचाया। वहां पर नाम पता लिखकर सबको छोड़ दिया।

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- फोटो : amar ujala
बलरामपुर में वीर विनय चौराहे पर गुरुवार को शिक्षामित्रों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभी रास्तों पर काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। आठ सितंबर को होने वाली भाजपा की तिरंगा यात्रा में शिक्षामित्रों ने व्यवधान उत्पन्न करने की चेतावनी दी है। शिक्षामित्रों की इस धमकी को लेकर प्रशासन की नींद उड़ गई है। प्रशासन की तरफ से शिक्षामित्रों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। वहीं, प्रशासन को अपील को ठेंगा दिखाकर शिक्षामित्र अपनी मांग पर अड़े हैं। नगर में मार्च निकालकर शिक्षामित्रों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर के वीर विनय चौराहे पर समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक देव कुमार मिश्र व सह संयोजक गिरिजा शंकर शुक्ल ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार जनता को सिर्फ जुमला पहना रही है। प्रदेश सरकार ने सभी संगठनों की आम सहमति से दिए गए मांगपत्र पर विचार करते हुए जन सामान्य निर्णय लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का एलान करके दिए आश्वासन का खुला उल्लंघन किया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षामित्रों मेें आक्रोश व्याप्त है। प्रदेश सरकार के निर्णय से शिक्षामित्र अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि यदि प्रदेश सरकार 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के प्रस्ताव को तत्काल वापस नहीं लेगी तो शिक्षामित्र आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
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मनमाफिक मानदेय नहीं मिलने से नाराज शिक्षामित्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। शिक्षामित्रों ने दूसरे दिन बृहस्पतिवार को स्कूलों और बीएसए दफ्तरों पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। साथ ही अर्द्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के निर्णय से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मानदेय 30 से 35 हजार रुपये तक नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। उधर, पुलिस ने आंदोलनकारी शिक्षामित्रों को नियंत्रित करने के लिए कुछ जिलों  में लाठीचार्ज किया, वहीं उनके नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए घर पर दबिश दी। शिक्षामित्रों ने सरकार से मानदेय 30 से 35 हजार रुपये तक करने, टीईटी से छूट के लिए एनसीटीई की अधिसूचना में संशोधन कराने सहित अन्य मांग की है। लखनऊ में विधानभवन के बाहर प्रदर्शन करने जा रहे कुछ शिक्षामित्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर वहां से खदेड़ा। कुशीनगर में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों पर लाठी चार्ज किया। शिक्षामित्रों ने भी विरोध स्वरूप गिरफ्तारी दी। सहारनपुर में भी प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने पुलिस ने लाठीचार्ज किया। बरेली में शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन कर कैबिनेट के निर्णय की प्रतियां जलाईं।
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शिक्षामित्रों को एसओ ने स्कूल से उठवाया, थाने का घेराव
बहराइच में रानीपुर के थानाध्यक्ष ने क्षेत्र में स्थित चार विद्यालयों के शिक्षामित्रों को सुबह स्कूल से उठवा लिया। एसओ ने सभी पर आत्महत्या की कोशिश करने का आरोप मढ़ा। सूचना पाकर शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारी थाने पहुंच गए। सभी ने एसओ पर मनमानी का आरोप मढ़ते हुए नारेबाजी कर थाने का घेराव किया। जिससे हड़कंप की स्थिति बनी रही। दो घंटे तक प्रदर्शन चला। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अफरा-तफरी के बीच देर शाम शिक्षामित्र थाने से खिसके। रानीपुर थाना अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय चाकूजोत के शिक्षामित्र अमरेश विश्वास, रमवापुर के प्रदीप सिंह, गुदुवापुर प्राथमिक विद्यालय की रंजना पाठक को थानाध्यक्ष आरके सिंह ने पुलिस बल के साथ सुबह स्कूल पहुंचकर अपनी सुरक्षा में ले लिया। थानाध्यक्ष ने कहा कि ये चारों शिक्षामित्र आत्महत्या की योजना बना रहे हैं। सभी को थाने ले जाया गया। इसकी सूचना जब उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों को हुई तो सभी आक्रोशित हो उठे।
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फैजाबाद में प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।

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बलरामपुर के वीर विनय चौराहे पर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।

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सीतापुर में प्रदर्शन करते शिक्षामित्र व उन्हें समझाते सीओ सिटी।
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सीतापुर के शहीद पार्क में शहीद स्तंभ पर अर्द्घनग्न होकर प्रदर्शन करते शिक्षामित्र।
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