वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों की याद में बुधवार को मध्य कमान में विजय दिवस मनाया गया।
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शहीदों को याद कर लिया राष्ट्र सेवा का प्रण, तस्वीरें
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मध्य कमान के सेनाध्यक्ष ले. जनरल बलवंत सिंह नेगी ने युद्ध स्मारक ‘स्मृतिका’ पर श्रद्धांजलि अर्पित कर वीर शहीदों की शहादत को याद किया।
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इसके बाद मध्य कमान के स्टाफ अध्यक्ष ले. जनरल आरपी साही, सेना चिकित्सा कोर केंद्र एवं कॉलेज के सेनानायक ले. जनरल एमडी वैंकटेश, सैन्य अधिकारी और जवानों ने माल्यार्पण कर देश सेवा का संकल्प लिया।
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ले. जनरल बलवंत सिंह नेगी ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए सभी से देशहित के लिए पूरी तरह से समर्पित और संकल्पबद्ध रहने का आह्वान किया।
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ले. जनरल नेगी ने बाकी सैनिकों से राष्ट्र के विकास और अपने काम के प्रति समर्पित रहने के लिए कहा।
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इस मौके पर सेना की टुकड़ी ने अपने शस्त्र उल्टे कर सलामी दी तथा अंतिम धुन बजाई। शहीद सैनिकों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। (शहीदों को श्रद्घांजलि देते ले. जनरल नेगी।)
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युद्ध स्मारक पूरे दिन खुला रह, जहां आम लोगों ने भी शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। अभिभावकों ने भी बच्चों को शहीदों की वीर गाथा सुनाई।
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16 दिसंबर 1971 को ही भारत ने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तान के 90 हजार से ज्यादा सैनिकों को एक साथ आत्मसमर्पण करने को मजबूर किया था।
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इतनी ज्यादा संख्या में सैनिकों के आत्मसमर्पण करने का मामला अपने आप में इतिहास है। युद्ध के दौरान बहुत से जवानों को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी। तभी से हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है।