जो तूफानों में पलते जा रहे हैं, वही दुनिया बदलते जा रहे हैं।
चुनौतियों से उन्हें प्यार है। गलत बर्दाश्त नहीं, फिर चाहे वो अपने खिलाफ हो या किसी और के। हर गलत के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए वे आगे बढ़ रही हैं। तूफानों ने उन्हें पाला है तो भला राह की मुश्किलें हौसला क्या तोड़ेंगी। बात शिक्षा की हो या लोगों के स्वास्थ्य की। किसी के लिए कानून की लड़ाई लड़नी हो या फिर नारी के आत्म सम्मान की बात। समानता के अधिकार से लेकर मानवाधिकार तक के लिए उन्होंने मोर्चा खोल दिया है। आज हम बात करते हैं इन्हीं सोशल फाइटर्स की...। रोली खन्ना की रिपोर्ट...
किसी की जिंदगी संवारने का संकल्प
कोई होम मेकर है तो कोई कामकाजी। एक बात उनमें सामान्य है कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारी को लेकर सजग हैं। परिवार और घर के बीच तालमेल बैठाते हुए उन्होंने अपने दिनभर के कुछ घंटे समाज के उस तबके के नाम कर रखे हैं, जो अभावों में जी रहे हैं।
सहेलियों के इस ग्रुप की कोशिशों की बदौलत गोमती नगर के प्राथमिक विद्यालय तखवा-2 के 120 बच्चों का भविष्य संवरने लगा है। इसके अलावा यह ग्रुप बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मद्देनजर उनके प्रशिक्षण के लिए प्रयासरत है। साथ ही निवेदिता कुष्ठ रोगियों के लिए फैजाबाद में एक मुहिम छेड़े हुए हैं।
कॉन्वेंट की तर्ज पर स्कूल में बदलाव
निवेदिता बताती हैं कि हम सबने मिलकर स्कूल गोद लिया है। कोई पैसे से तो कोई अन्य मदद कर रहा है। कल तक जर्जर दिख रहे स्कूल में चारदीवारी बन गई, वायरिंग हो गई। टेबल-कुर्सी के साथ-साथ लाइब्रेरी और गेम रूम भी है। हम खुद वहां जाते हैं और मॉनिटरिंग करते। नियमित रूप से बच्चों के माता-पिता के साथ संवाद करते हैं। (तस्वीर में, स्वाति, निवेदिता, गरिमा, मंजु, राधिका, रुचि, प्रियंका, प्रीति, राखी, रितु, शालू, दीक्षा और गरिमा।)